BSNL तुझसे बैर नहीं, JIO तेरी खैर नहीं- पिछले 24 घंटों में जिओ के 150 टावरों की बिजली काटी

दिल्ली: पिछले 1 महीने से किसान आंदोलन चल रहा है, और अब एक ओर जहां किसान सरकार से ल’ड़ाई ल’ड़ रहे हैं वहीं दूसरी तरफ किसानों ने अब देश के उद्योगपतियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. बता दें कि देश भर के किसान पिछले 1 महीने से केंद्र सरकार द्वारा लाए गए तीन कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं वहीं जहां पंजाब और हरियाणा के किसान सिंधु बॉर्डर पर डटे हुए हैं।किसान आंदोलन

अब गुजरात से लेकर मध्य प्रदेश, राजस्थान तक के किसान दिल्ली की ओर कूच करने लगे हैं. हालांकि सरकार ने किसानों से बातचीत का प्रस्ताव दिया है लेकिन अभी तक सरकार और किसान संगठनों के बीच हुई वार्ताओं से कोई हल नहीं निकला ऐसे में अब देखना होगा कि सरकार किसानों की मांगों पर क्या रुख अपनाती है.

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किसानों ने खोला उद्योगपतियों के खिलाफ मोर्चा

किसान अपनी मांगों को लेकर पिछले 1 महीने से अडिग हैं उनका कहना है कि यह तीनों कानून देश के बड़े उद्योगपतियों को ही फायदा पहुंचाएंगे किसानों का इसमें कोई हित नहीं है।

अब देशभर के किसानों ने उद्योगपतियों के खिलाफ भी मोर्चा खोल दिया है। जिसमें अब किसान जिओ के मोबाइल टावरों की बिजली काट रहे हैं। बता दें कि इससे पहले भी किसान देश के कॉर्पोरेट घरानों के खिलाफ विरोध प्रकट कर चुके हैं।

किसानों ने हरियाणा के सोनीपत में रिलायंस के मॉल को ताला लगाकर बंद कर दिया था और अब किसान रिलायंस जिओ के टावरों को निशाना बना रहे हैं।

सूत्रों के अनुसार रिलायंस जिओ के मोबाइल टावरों की बिजली काटे जाने से पिछले चौबीस घंटों में 150 से ज्यादा मोबाइल टावर प्रभावित हुए हैं। और अब ऐसा ही एक मामला बठिंडा के तलवंडी साबो इलाके से सामने आया है जहां पर रिलायंस जिओ के टावरों की बिजली काट दी गई।

अब तक 1338 से भी ज्यादा JIO मोबाइल टावरों की बिजली काटी जा चुकी है

वहीं मनसा के मूसा गांव में रिलायंस जिओ टावर के पोल उखाड़ दिए गए तथा साथ ही केवल बॉक्स को भी जला दिया गया। किसानों के रिलायंस जिओ के खिलाफ इस तरीके के विरोध प्रदर्शन से लोगों को खासी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार विरोध प्रदर्शन शुरू होने से अब तक 1338 से भी ज्यादा मोबाइल टावरों की बिजली काटी जा चुकी है।

जब इस मामले पर बीकेयू के उपाध्यक्ष शिंगारा सिंह मान से बात की गई तो उन्होंने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि “किसी को भी इस तरह के कार्य करने के लिए नहीं कहा बल्कि हम तो अपने संगठन के लोगों को यह बता रहे हैं कि हमारा विरोध दूरसंचार कंपनी के खिलाफ है उसके विरोध में टावरों या बिजली कनेक्शन को नु’कसान नहीं पहुंचाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह किसी की शरारत है बीकेयू संगठन का इस तरीके के कार्यों से कोई लेना देना नहीं है”।

वहीं अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति (AIKSCC) जगमोहन सिंह कहते हैं कि “ संयुक्त किसान मोर्चा और 32 किसान यूनियनों ने इस तरह की कार्यवाइयों से बचने के लिए किसानों से अपील की है।

हमारा विरोध अभी तक शांतिपूर्ण तरीके से रहा है और आगे भी यह शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहेगा, हमने अपने सदस्यों से कहा है कि वे सिर्फ जिओ कनेक्शन का विरोध करें”।