VIDEO: कुमार विश्वास ने भक्तों को लगाई लता'ड़, बोले- कब तक मौन रहोगे विदुरों?......सर क'ट जायेगा तो कैसे बोलोगे?

VIDEO: कुमार विश्वास ने भक्तों को लगाई लता’ड़, बोले- कब तक मौन रहोगे विदुरों?……सर क’ट जायेगा तो कैसे बोलोगे?

मशहूर कवि और आम आदमी पार्टी के पूर्व नेता कुमार विश्वास ने हाथरास मामले में अपनी पी’ड़ा जाहिर की है. एक वीडियो में कुमार ने इस मामले पर अपनी बात रखी. इस दौरान उन्होंने पुलिस कार्रवाई और सीएम योगी से लेकर पीएम मोदी तक सब पर सवाल दागे. उन्होंने कई मुद्दों को लेकर योगी और मोदी पर निशा’ना भी साधा. इसके साथ ही उन्होंने भक्तों द्वारा सरकार से सवाल नहीं करने पर उन्हें लता’ड़ लगाते हुए उन्हें समझाया.

इस दौरान कुमार विश्वास ने एक कविता पढ़ते हुए कहा कि कब तक मौन रहोगे विदुरों? कब अपने लव खोलोगे? जब सर ही क’ट जायेगा तो फिर किस मुंह से क्या बोलोगे..? 

कुमार विश्वास ने सोशल मीडिया पर किसी पार्टी विशेष के लिए कट्टरता रखने वाले यूजर्स से कहा कि अपने नेताओं के चक्क’र में लोगों को ग’लि’यां देने बंद करों क्योंकि तुम जिन नेताओं को सही साबित करने में लगे रहते हो वो लोग एक पद, एक सीट के लिए पार्टी बदल देते हैं जैसा मध्यप्रदेश में हुआ.

कुमार ने कहा कि इसलिए किसी को भी गा#ली मत लो, इन नेताओं को सब पता होता है कि किस ग’टर का पानी कहाँ गि’रेगा. लास्ट वक्त में यह लोग हिन्दू मुसलमान ले आएंग, कोई दिल्ली में बैठकर बोलेगा, कोई है’दराबा’द में और कोई लखनऊ में बैठकर बोलेगा और सब हो जाएगा.

 

कुमार ने अपनी बात करते हुए कहा कि हमारा एक घमं’डी नेता ने सेना पर सवाल किया और हमने पार्टी में उनके सामने खड़े होकर उसे गलत कहा और उन से सवाल किये. लेकिन तुम लोगों को सिर्फ भक्तगिरी और च’म्मचा’गि’री तक ही समिति हों, अपने नेता से सवाल करने की जगह उन्हें बचाते हो?

कुमार ने कहा कि बह’नों, बेटि’यों, कु’लवधु’ओं की चीखों पर खामो’श होने जाने वाले ह’स्ति’नापुर अक्सर ही खं’ड’हर में तब्दील हो जाते है. ला#शों पर रोने वाला भी कोई नहीं बचता है. उन्होंने कहा कि मैं पिछले दो दिन से देख रहा हूं कि सरकारें और उनके समर्थक, मैं आप लोगों से प्रार्थना करता हूं कि आप किसी भी पार्टी के हों.

 

उसके भक्त बनकर रहिए, चमचे बनकर रहिए चाहे समर्थक बनकर रहिए. अगली बार फिर से इन्हें ही वोट दे दीजिए लेकिन क्या वोट देने से सवाल पूछने का अधिकार ख’त्म कर दिया है? सवाल तो कीजिए.

इस बिके हुए वक्त में जब सबकुछ बिक चूका है. आप और हम ही बचे हैं. सामान्य नागरिक बोलेंगे तो सरकारें सुनेंगी. इनकी औ’का’त नहीं है. अन्ना हजारे ठीक कहते थे कि इनकी नाक दबाओ तो उनका मुं’ह खुलता है. इनका मुहं तभी खुलेगा जब नाम दबाई जाएगी, आखिर में गुस्से में ऐसी कोई बात बोल दी हो जो आपको बुरी लगी तो मैं माफ़ी चाहता हूं लेकिन बहुल क’ष्ट हुआ है.

साभार- दैनिक भास्कर