लड़कियों की प्रोफाइल पोस्ट कर जस्टिस मार्कंडेय काटजू ने सोशल मीडिया पर अनोखी पहल शुरू की..

सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस रह चुके जस्टिस मार्कंडेय काटजू अक्सर ही अपने विवा’दित बयानों के चलते सुर्ख़ियों में बने रहते है. प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन मार्कंडेय काटजू इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा में बने हुए हैं लेकिन इस बार वो अपने किसी विवा’दास्पद बयान के चलते नहीं बल्कि अपनी एक सोशल सर्विस के चलते चर्चा में आए है. जस्टिस काटजू ने अपने ऑफिशियल फेसबुक पेज पर कुछ पोस्ट शेयर किये हैं.

इसके बाद से ही उनके फेसबुक पेज पर घंटों में ही कमेंट्स की बाढ़ आ गई है. उनकी पोस्ट पर जबरदस्त प्रतिक्रिया देखने को मिली. अब आप सोच रहे होगें कि ऐसा पोस्ट में था क्या, जो कमेंट्स की बाढ़ आ गई?

markande katju

दरअसल जस्टिस काटजू मैचमेकिंग करा रहे हैं. जस्टिस काटजू इन पोस्ट्स में कुछ लड़कियों की प्रोफाइल पोस्ट कर रहे हैं जो शादी करना चाहती है और उन्हें अपने जीवनसाथी की तलाश हैं. पोस्ट में काटजू ने लड़कियों की प्रेफरेंस भी बताई है.

इसे लेकर जस्टिस काटजू ने कहा कि ऐसे कई मामले देखने को मिलते हैं जहां लड़कियां शादी करना चाहती हैं लेकिन उन्हें सही मैच नहीं मिल पाता. देश में बेरोजगारी बहुत बढ़ गई है, ऊपर से जाति और धर्म के इतने विभाजन हैं. इसी के चलते परफेक्ट मैच ढूंढना बहुत मुश्किल काम होता हैं. सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए.

इसी के चलते जस्टिस काटजू उनकी मदद करने के लिए पोस्ट कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि उनके फेसबुक पेज पर काफी फॉलोअर्स हैं, हो सकता हैं इससे किसी की मदद हो सके.

markandey katju

उन्होंने बताया कि उन्हें कई लड़कियों के मैसेज आते हैं जो उनसे रिक्वेस्ट करती है, इसलिए वो उनसे जानकारी पूछकर पोस्ट कर देते हैं. वो अपने पोस्ट में लड़की का नाम नहीं बताते हैं लेकिन उसकी ईमेल आईडी रख लेते हैं.

इसके बाद जब पोस्ट देखकर इंटरेस्टेड लोग जस्टिस काटजू को ईमेल करते हैं तो काटजू उन ईमेल्स को उस लड़की को फॉरवर्ड कर देते हैं. इसके बाद रिक्वेस्ट आती है. उसके बाद जिम्मेदारी उन दोनों की होती हैं. उन्होंने कहा कि इस पर उम्मीद से ज्यादा रिस्पॉन्स आ रहा हैं. इमेल्स और मैसेजेस की बाढ़ आ गई है.

उन्हें अब समझ ही नहीं आ रहा कि इन्हें कैसे हैडल किया गए. काटजू कहते हैं कि उन्हें जरा सा भी आइडिया नहीं था कि ये काम इतना बड़ा होगा. लेकिन वो कोशिश कर रहे हैं.

साभार- लल्लनटॉप