100 से भी ज़्यादा अधिकारीयों ने ‘लव जिहाद’ जैसे कानून पर जताई आपत्ति, योगी आदित्यनाथ को लिखा खत

उत्तर प्रदेश की राजनीति में इन दिनों जो मुद्दा सबसे ज्यादा गरमाया हुआ है वह है लव जिहाद. उत्तर प्रदेश के अंदर योगी आदित्यनाथ सरकार द्वारा लव जिहाद पर लाए गए कानून के बाद से ही सियासत गर्मा रही है और एक के बाद एक देश की दिग्गज हस्तियां लव जिहाद कानून पर बोल रही हैं।

बता दें कि उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार नवंबर 2020 में यह कानून लेकर आई। उत्तर प्रदेश में नवंबर से ही विधि विरुद्ध धर्म परिवर्तन प्रतिषेध अध्यादेश लागू है जिसके तहत अगर कोई व्यक्ति जबरन धर्म परिवर्तन करवा कर शादी करता है तो उसके लिए 10 साल की स’जा का प्रावधान है। लेकिन उत्तर प्रदेश सरकार जब से यह कानून लेकर आई है तभी से उसके लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं।

Love jihad ko lekar UP me kanoon ko thenga

योगी आदित्यनाथ सरकार ‘लव जिहाद’ को लेकर बहुत सख्त है

उत्तर प्रदेश में युवाओं पर आरोप लगाए जा रहे हैं कि वह धर्म परिवर्तन कर शादी रचा रहे हैं हाल ही में उत्तर प्रदेश में एक मामला आया जिसमें एक युवक अपनी सहपाठी के साथ रेस्त्रां में पिज़्ज़ा खाने जाता है और उसे पुलिस उठाकर जेल में डाल देती है। ऐसे में उत्तर प्रदेश सरकार पर सवाल उठ रहे हैं कि यह कानून गैरकानूनी है। पर अब इसी दिशा में उत्तर प्रदेश के आला अधिकारियों ने योगी आदित्यनाथ को चिट्ठी लिखी है।

104 पूर्व अधिकारियों ने योगी आदित्यनाथ को लिखी चिट्ठी

बता दें कि पूर्व अधिकारियों ने योगी सरकार द्वारा लाए गए लव जिहाद कानून पर आ’पत्ति जताई है और उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को चिट्ठी लिखकर इस कानून को वापस लेने की मांग की है।

जानकारी के अनुसार इन पूर्व अधिकारियों में पूर्व विदेश सचिव निरूपमा राव और प्रधानमंत्री के पूर्व सलाहकार टीकेए नायर , पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिवशंकर मेनन जैसे बड़े अधिकारी शामिल हैं।

इन सभी आला अधिकारियों ने योगी आदित्यनाथ सरकार के लव जिहाद कानून पर आपत्ति जताई है। अधिकारियों ने खत में लिखा कि “ यह बड़ी दु;ख की बात है कि हाल के समय में उत्तर प्रदेश जो एक समय गंगा-जमुना तहजीब की पाठशाला रहा है वह द्वेष, विभाजन और कट्टरपंथ की राजनीति का केंद्र होता जा रहा है तथा इसके साथ ही तमाम सरकारी संस्थान भी इस सांप्रदायिकता के जहर में पगे हुए हैं”।

पूर्व नौकरशाहों ने मुरादाबाद की एक घटना का भी जिक्र किया जिसमें उन्होंने उत्तर प्रदेश पुलिस और बजरंग दल पर आरोप लगाया है।

उन्होंने लिखा कि पुलिस और बजरंग दल ने दंपत्ति का उत्पी’ड़न किया है जिसकी वजह से महिला को अपना ग’र्भस्थ बच्चा गंवाना पड़ा।

ऐसी घटनाओं पर नौकरशाहों का कहना है कि यह क्रूरता है और उन भारतीय युवाओं के साथ की गई है जो एक स्वतंत्र नागरिक की तरह अपना जीवन जीना चाह रहे हैं ।

खत में आगे लिखा कि “आपके राज्य का धर्मांतरणरोधी क़ानून मुस्लिम पुरुषों और अपने चुनने की आज़ादी का हक़ रखती महिलाओं के खिलाफ़ लाठी की तरह इस्तेमाल हो रहा है आपके राज्य की क़ानूनी एजेंसियां आपकी सरकार के सहयोग से सत्तावादी सरकारों की ख़ुफ़िया पुलिस की याद ताज़ा कर रही हैं.”

ऐसे में पूर्व आला अधिकारियों के लव जे’हाद कानून पर आ’पत्ति जताने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार की मुश्किलें बढ़ गई हैं अब देखना यह होगा कि उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार आगे किस दिशा में कदम बढ़ाती है।