जिन BJP नेताओं ने दूसरे धर्म में शादी की है इनपे ‘लव जिहा’द’ लागू होगा या नहीं? भूपेश बघेल

कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने यह बात इसीलिए कही क्योंकि कई भाजपा नेताओं ने भी दूसरे धर्म में शादी की हुयी हैं

छत्तीसगढ़/रायपुर: काफी समय के बाद एक बार फिर ‘लव जिहा’द; (Love Jihad) के नाम पर सियासत होने लगे है. आजकल के दिनों के चल रहे इस लव जिहा’द के विवा’द के बीच भारतीय जनता पार्टी (Bhartiya Janta Party) के नेताओं पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (Bhupesh Baghel) ने तं’ज कसा है कि जिन भाजपा के नेताओं या उनके सगे-सम्बन्धियों ने दूसरी जाती में विवाह किए हैं, उन पर ‘लव जिहा’द’ कानून लागू होगा या नहीं?.

कांग्रेस (Congress) नेता भूपेश बघेल ने शनिवार के दिन मीडिया से बातचीत के दौरान यह बात कही. क्यूँकी हाल ही में उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adhityanath) ने हाल ही में इस लव जि’हाद को लेकर ये कहा था कि उनकी सरकार “लव जिहा’द” और जबरन धर्म परिवर्तन जैसे मामलों को रोकने के लिए राज्य में स’ख्त कानून लाएगी.

Madhya Pradesh Freedom of Religion Act 2020

“कई भाजपा नेताओं के परिवार के सदस्यों ने भी अंतर-धर्म विवाह किया है. मैं भाजपा नेताओं से पूछता हूं कि क्या ये विवाह ” लव जि’हाद ‘की परिभाषा के तहत आते हैं या नहीं?” – भूपेश बघेल

आपको बता दें कि इससे पहले, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ‘शिवराज सिंह चौहान’ (Shivraj Singh Chouhan) ने भी ये बात कही थी, मध्य प्रदेश में जल्द ही इस ‘लव जि’हाद’ के खिला’फ कोई कानून लाया जाएगा.

मध्य प्रदेश के गृह मंत्री ‘नरोत्तम मिश्रा’ के मुताबिक आने वाले विधानसभा सत्र में इससे जुड़ा विधेयक लेकर आएंगे और ‘मध्य प्रदेश फ्रीडम ऑफ रिलीजन बिल, 2020’ के नाम से ये विधेयक लाया जायेगा.

मध्य प्रदेश में ‘लव जिहाद’ मामले में आरोपी या फिर इसमें सहयोग करने वाले लोगों के खिलाफ गैर-जमानती धाराएं लगेंगी.

इधर उत्तर प्रदेश की योगी सरकार भी अगले विधान सभा सत्र में धर्म परिवर्तन और लव जि’हाद के खिलाफ कानून लाने जा रही है. इस कानून के तहत इसमें किसी का जबरन धर्म परिवर्तन करवाने पर पांच साल और सामूहिक ध’र्मांतरण पर कम से कम 10 साल की स’ज़ा का प्रावधान है.

मध्य प्रदेश में फिलहाल इस कानून का ड्राफ्ट तैयार हो चुका है, “एमपी फ्रीडम ऑफ रिलीजन एक्ट 2020” के ड्राफ्ट के अनुसार धर्म परिवर्तन कराने वाले को पांच साल की स’जा का प्रावधान है.

Madhya Pradesh Freedom of Religion Act 2020 के तहत पहले से हुए ऐसे शादी-विवाह भी रद्द किये जा सकते हैं, और ये अधिकार ‘फैमिली कोर्ट’ को दे दिया गया है. Source: Khabar NDTV