VIDEO: पति-पत्नी ने खाया ज़'हर बेशर्म मीडिया वाले बनाते रहे वीडियो, पुलिस के सामने छोटे-छोटे बच्चे रोते बिलखते रहे लेकिन...

VIDEO: पति-पत्नी ने खाया ज़’हर बेशर्म मीडिया वाले बनाते रहे वीडियो, पुलिस के सामने छोटे-छोटे बच्चे रोते बिलखते रहे लेकिन…

मध्यप्रदेश के गुना शहर से एक बेहद शर्मसार कर देने वाली घट’ना सामने आई है, जिसने टीआरपी के भूखे मीडिया कर्मियों और इंसानियत को शर्मसार कर देने वाले कानून के रक्षकों का एक नया चेहरा उजागर हुआ है. खबरों के अनुसार जिले के कैंट थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले जगनपुर इलाके में एक दंपति ने पुलिस और मीडिया कर्मियों के सामने ज़’हरीला पदार्थ खा लिया. दरअसल पुलिस महकमा, जगनपुर में एक  अतिक्रमण हटाने के लिए गया था जहाँ इस दौरान दम्पति ने यह कदम उठाया. दोनों पति-पत्नी की स्थिति गंभी’र बताई जा रही है.

स्थानीय मीडिया के अनुसार जगनपुर क्षेत्र में मॉडल कॉलेज के निर्माण के लिए जमीन दी गई दी. लेकिन लंबे समय तक निर्माण ना होने के चलते इस जमीन पर एक पारदी परिवार द्वारा अतिक्रमण कर लिया गया. इसी अ’तिक्र’मण को हटाने के लिए प्रशासन के अधिकारी मंगलवार को एसडीएम और तहसीलदार निर्मल राठौर के नेतृत्व में भारी पुलिस बल के साथ पहुंचे.

अतिक्रमण हटाया जाये, लेकिन किसी की जान लेकर नहीं

दरअसल जगनपुर चक स्थित 40 से 50 बी’घा इस भूमि पर पिछले काफी समय से पूर्व पार्षद गप्पू पारदी एवं उसके परिवार का क’ब्जा जमाया हुआ हैं. पारदी परिवार ने इस भूमि खेती करने के लिए गरीब किसान राजकुमार अ’हिरवा’र को बटिया पर दे दी. किसान राजकुमार ने कुछ समय पहले ही भूमि पर बोवनी की थी, जो की अब अंकुरित भी हो चुकी है.

राजकुमार के अनुसार उसने 2 लाख कर्ज लेकर बोवनी की है. वहीं उस पर पहले से भी 2 लाख का कर्ज चढ़ा हुआ था. भूमि की बोबनी हो चुकी थी इसलिए राजकुमार के परिवार ने प्रशासन से अनरोध किया कि यह प्रक्रिया बाद में पूरी कि जाए. लेकिन प्रशासन ने जेसीबी से फसल उ’जा’ड़ना शुरु कर दिया.

मानवता को शर्मसार करती वर्दी

राजकुमार का परिवार प्रशासन के सामने हाथ जोड़ता रहा, छोटे छोटे बच्चे भी रोते रहे. लेकिन प्रशासन ने कार्रवाई जारी रखी और पुलिस ने इस दौरान उन लोगों पर जमकर लाठियां चलायीं.

महिला पुलिसकमियों ने भी परिवार की महिलाओं पर खूब ज़ोर अजमाइश की, उन पर लाठी और लातें तक चलायीं. जब बात हाथ से निकल गई तो राजकुमार और उसकी पत्नी श्रीमती सावित्री अहिरवार ने अपनी झोपडी में रखी हुयी फसल में डालने वाली कोई ज़ह’रीली द’वा का सेवन कर लिया.

वह दोनों बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़े, मासूम बच्चे’ उनके आसपास बैठ कर काफी समय तक रोते रहे और उन्हें उठाने की कोशिश करते रहे. लेकिन आला अधिकारी दूर खड़े होकर तमाशा देखते रहे.

पति-पत्नी दोनों आत्महत्या कर रहे थे, और बेशर्म मीडिया कर्मी वीडियो शूट

हैरान कर देने वाली बात यह है कि राजकुमार अपनी झो’पड़ी में ज’हर ढू’ढ़ कर पी लेता है लेकिन झो’पड़ी के अंदर और आसपास मौजूद पुलिसकर्मी और मीडियाकर्मी मूक दर्शक बने देखते रहते हैं. सबसे श’र्मना’क बात यह है कि इस दौरान मीडिया और अन्य लोग इस घट’ना को अपने कैमरों और मोबाइल में फिल्माने के लिए लगे हुए थे.

सवाल यह उठता है कि क्या हम इतने निर्दयी हो गए है कि कोई हमारे सामने अपनी जा’न दे रहा हो और हम सिर्फ वीडियो बनाते रह जाए. क्या किसी इंसान की जिंदगी से ज्यादा कीमती तस्वीर और वीडियो बनाना हैं? क्या पुलिस मीडिया समेत वहां मौजूद लोगों की इंसा’नियत म’र गई हैं?

लेकिन मामला सिर्फ इतने पर ही नहीं थमा, इस दौरान पुलिस का अमानवीय व्यवहार भी देखने को मिला. जब पति-पत्नी बे’सुध हो गए तो उन्हें अस्प’ताल भेजा गया, इस दौरान बे’हो’श पति-पत्नी को जिस तरह से ले उठाया गया वो काफी अमानवीय था. इतना ही नहीं वीडियो में कुछ पुलिस बे’हो’श राजकुमार पर ला’तें बरसा’ते भी नजर आ रहे हैं.

वहीं ज़’हर पी’ने की घट’ना के बाद राजकुमार का छोटा भाई राजू इसका विरोध करता है तो पुलिस उस पर भी ज’मकर ला’ठि’यां ब’रसाने लगी, बटियादार किसान के परिवार की महिलाओं को तक ला’तें मा’री गई. महिलाओं से पुलिस ने खीं’च ता’न भी की जिससे उनके कपड़े तक फ’ट गए.

वहीं इस मामले पर तहसीलदार निर्मल राठौर का कहना है कि पुलिस के साथ बटियादार परिवार की महिलाओं ने झू’माझ’टकी की इसलिए सख्ती दिखाई गई. वहीं थाना टीआई योगेंद्र के अनुसार पुलिस ने ला’ठी नहीं बरसाईं है लेकिन इस घ’टना का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने चु’प्पी साध ली हैं. उधर पुलिस ने पुलिस ने ब’टिया’दार और उसके परिवार के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया हैं.

वहीं मामले के तूल पकड़ने के बाद जिला कलेक्टर ने जांच के आदेश जारी किये हैं. वहीं अ’तिक्र’मण की बात कि जाए तो स्थानीय मीडिया के अनुसार इस ज’मीन से पहले भी दो बार क’ब्जे हटाए जा चुके हैं. लेकिन निर्माण एजेंसी की ला’परवा’ही के चलते काम शुरू नहीं हो सका.