शिवराज सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर वरिष्ठ बीजेपी नेत्री उमा भारती भड़की कहा- महाराज को खुश करने के फेर में…

मध्यप्रदेश में लंबे इंतजार के बाद आखिरकार मंत्रिमंडल का विस्तार हो चूका है. सूबे के सीएम शिवराज सिंह चौहान के मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर काफी विचार-विमर्श चला. अब इस नए मंत्रिमंडल को लेकर बीजेपी के अंदर ही नाराजगी देखने को मिल रही हैं. शिवराज के मंत्रिमंडल को लेकर सूबे की पूर्व मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष उमा भारती ने अपनी नाराजगी जाहिर की है.

उमा भारती ने मंत्रिमंडल में जातीय असंतुलन को लेकर पार्टी के केंद्रीय और राज्य नेतृत्व के समक्ष सैद्धांतिक असहमति का इजहार करते हुए मंत्रिमंडल की सूची को संतुलित करने की मांग की थी. यह मांग उमा भारती ने मंत्रिमंडल के विस्तार से कुछ समय पहले ही की थी.

सूत्रों के अनुसार पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के वरिष्ठ नेताओं को पूर्व केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने संदेश भेज कर राज्य के मंत्रिमंडल के विस्तार में सैद्धांतिक मुद्दों पर अपनी कड़ी आपत्ति जाहिर की हैं.

न्यूज़ एजेंसी वार्ता ने अपनी रिपोर्ट में सूत्रों का हवाला देते हुए कहा है कि उमा भारती ने बीजेपी नेतृत्व को संदेश भेजा है. जिसमें कहा गया है कि मुझे हाल ही में मध्यप्रदेश में शपथ लेने जा रहे मंत्रिमंडल की जानकारी प्राप्त हुई. जिसके मुताबिक प्रस्तावित मंत्रिमंडल में जातीय समीकरण ठीक नहीं बैठ रहा है, जिसका मुझे दुःख है.

उन्होंने आगे कहा कि मंत्रिमंडल के गठन को लेकर मेरे द्वारा दिए गए सुझावों की पूर्णत: अनदेखी की गई है जो उन सबका अपमान है जिनसे मैं जुड़ी हुई हैं. इसी के चलते उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से बात की है कि वो उनके अनुसार सूची में कुछ संशोधन करें.

वहीं इस मामले को लेकर लखनऊ में मौजूद उमा भारती से संपर्क साधा गया तो उन्होंने इस मुद्दे पर कोई भी टिप्पणी करने से साफ इनकार कर दिया. हालांकि उन्होंने ना तो इसका खंडन किया और ना ही इसकी पुष्टि की है. बता दें कि अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि मामले में उमा भारती की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के कोर्ट में पेशी है जिसके लिए वह लखनऊ गई हुई हैं.

वहीं आज शिवराज सिंह चौहान सरकार का मंत्रिमंडल विस्तार संपन्न हो चूका है. सूबे की सरकार के दुसरे विस्तार में 28 मंत्रियों को प्रभारी राज्यपाल आनंदी बेन पटेल शपथ दिलाई है. जिसमें 20 मंत्रियों और आठ राज्यमंत्री है. मंत्रिमंडल में 11 गैरविधायक सदस्य भी शामिल है जो ज्योतिरादित्य सिंधिया के कट्टर समर्थक हैं.

साभार- जनता का रिपोटर