मध्य प्रदेश: उपचुनाव से पहले बीजेपी को एक और तगड़ा झटका, भाजपा के पूर्व दिग्गज मंत्री कांग्रेस में हुए शामिल

मध्यप्रदेश में 24 विधानसभा सीटों पर चुनाव होने वाले हैं और जैसे-जैसे उपचुनाव करीब आते जा रहे हैं मध्य प्रदेश में सियासी उठापटक तेज होती जा रही हैं. सूबे में लगातार नेता अपनी पार्टी छोड़कर दूसरी पार्टीयों का दामन थाम रहे हैं. इसी बीच भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री बालेन्दु शुक्ल ने शुक्रवार को बीजेपी छोड़कर कांग्रेस का दामन थाम लिया है.

शुक्ल ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष और सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की उपस्थिति में कांग्रेस ज्वाइन की. इस दौरान उन्होंने कहा कि वह बीजेपी में ज्योतिरादित्य सिंधिया के सम्मिलित हो जाने के चलते नाराज थे. आपको बता दें कि पिछले दिनों ही कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस पार्टी छोड़ी हैं.

सिंधिया ने अपने पिता की रजनीतिक विरासत को छोड़कर बीजेपी ज्वाइन कर ली हैं. इसी के बाद उनके समर्थक रहे 22 विधायकों ने भी अपने पदों से इस्तीफा दे दिया था. जिसके चलते कमलनाथ सरकार गिर गई थी और मध्यप्रदेश में एक बार फिर से शिवराज सिंह चौहान नए मुख्यमंत्री बन सके थे.

बता दें कि शुक्ल पहले कांग्रेस में ही हुआ करते थे फिर वह बसपा और भाजपा से होते हुए अब वापस कॉन्ग्रेस में आ गए हैं. उन्होंने अपनी राजनीति की शुरुआत कांग्रेस पार्टी से ही की थी. इतना ही नहीं वह एक समय में स्वर्गीय माधवराव सिंधिया के बहुत खास भी माने जाते थे.

1993-98 के बीच सूबे में बनी कांग्रेस सरकार में वह कई अहम पदों पर कैबिनेट मंत्री के तौर पर काम भी कर चुके हैं. पार्टी से जुड़े सूत्रों के अनुसार शुक्ल माधवराव सिंधिया के बचपन के मित्र बताए जाते हैं. लेकिन उनके नि’धन के बाद उनके बेटे ज्योतिरादित्य सिंधिया के राजनीति में सक्रिय होने के कारण उनके ग्वालियर राजघराने से संबंध खट्टे हो गए थे.

दरअसल सिंधिया शुक्ल को पसंद नहीं करते हैं इसी के चलते दोनों परिवारों में दूरियां बन गयी. न्यूज़ एजेंसी पीटीआई की खबर के अनुसार शुक्ल ने रिपोर्टरों से बातचीत में कहा कि बीजेपी में मुझे हमेशा सम्मान प्राप्त हुआ है लेकिन अब मेरे लिए उस पार्टी में जगह नहीं बची है. उन्होंने कहा कि सिंधिया के बीजेपी में आने के बाद मुझे बीजेपी छोड़ना पड़ा इसलिए मैं कांग्रेस में वापस आ गया हूँ.

वहीं कांग्रेस से जुड़े सूत्रों ने बताया की बीजेपी में प्रवेश के साथ ही सिंधिया ने शुक्ल का पार्टी में रहना मुश्किल कर दिया है जिसके वाद उन्हें पार्टी छोड़ने जैसा बड़ा और मुश्किल फैसला करना पड़ा. शुक्ल मध्य प्रदेश के ग्वालियर क्षेत्र में अपनी मजबूत पकड़ रखते हैं, एक मजबूत नेता का जाना बीजेपी के लिए नुकसानदेयक जरुर साबित हो सकता हैं.