डॉक्टर अल्ताफ शेख ने मुफ्त में किया शहीद की मां का इलाज तो गले लगाकर फूट-फूटकर रो पड़ी बुजुर्ग महिला, धरती के इस ‘भगवान’ की लोग…

देश के एक तरफ कई लोग सांप्र’दायिक सौहार्द्र बिगाड़ने के प्रयासों में लगे हुए हैं, वहीं दूसरी तरफ ऐसे लोगों की तादात भी बहुत है जो हिंदू-मुस्लिम एकता प्रदर्शित कर समाज के आगे मिसाल कायम कर रहे है. इसी कड़ी में महाराष्ट्र में एक शही’द की माँ जब अपने इलाज को लेकर मुश्किलों में आई तो एक डॉक्टर मानों महीसा बनकर सामने आया. शही’द की माँ को डॉक्टर ने मुफ्त इलाज उपलब्ध कराया. सोशल मीडिया पर डॉक्टर की खूब तारीफें हो रही हैं.

महाराष्ट्र सरकार के मंत्री अशोक चव्हाण ने एक वीडियो को शेयर करते हुए देश की सेवा करने और देश के लिए बलिदान देने वाले जवानों के प्रति कृतज्ञ रहने का संदेश दिया है.

डॉक्टर अल्ताफ शेख ने शहीद की मां के इलाज के बदले फीस लेने से इनकार किया

Dr. Altaf from Aurangabad

उन्होंने बताया है कि सूबे के औरंगाबाद में एक डॉक्टर द्वारा एक शहीद की मां के इलाज के बदले फीस लेने से इनकार कर दिया है. एक वीडियो शेयर करते हुए अशोक चव्हाण ने लिखा कि डॉक्टर अल्ताफ एक बुजुर्ग महिला का इलाज कर रहे थे. इसी बीच उन्हें पता चला कि महिला एक शहीद की माँ है तो उन्होंने फीस लेने से इनकार कर दिया.

उन्होंने महिला का इलाज मुफ्त में किया. इस इंसानियत को देखते हुए मैंने निजी तौर पर अल्ताफ को बुलाया. इस दौरान मैंने देश की सेवा करने वाले नायकों के प्रति उनकी सेवा भावना और संवेदनशीलता के लिए उनका शुक्रिया अदा किया है. मंत्री द्वारा शेयर किये गए वीडियो पर लोग डॉ. की जमकर सराहना करते नजर आए है.

वहीं वीडियो में डॉक्टर शहीद की मां को गले लगाते हुए भी नजर आते है, जिसके चलते वह भावुक हो जाती हैं. न्यूज़ एजेंसी पीटीआई के अनुसार डॉक्टर अल्ताफ शेख ने शही’द की मां की सर्जरी मुफ्त में की है. बता दें कि डॉक्टर अल्ताफ शेख एक मल्टिस्पेशिऐलिटी हॉस्पिटल में एक यूरो सर्जन हैं.

इसे लेकर उन्होंने कहा कि बुजुर्ग शांताबाई सुराड जालना जिले के पारड़ कस्बे की निवासी है जो बेहद गरीब है और किड’नी में पथ’री के चलते काफी पी’ड़ा झेल रही थीं. उन्हें अपनी सर्जरी के लिए पैसे की तुरंत जरूरत थी.

डॉक्टर ने बताया कि उनके एक बेटे की हा’र्ट अटै’क से मौ#त हो गई है जबकि दूसरा सात साल पहले ही जम्मू-कश्मीर के कुपवा’ड़ा में श’हीद हो गया था. इसके बाद हॉस्पिटल मैनेजमेंट करके उनका मुफ्त इलाज किया है. उन्होंने बताया कि श’ही’द बेटे की पेंशन उनकी पत्नी के पास आती है, ऐसे में बुजुर्ग मां के पास आमदनी का कोई भी जरिया मौजूद नहीं हैं.

साभार- जनता का रिपोर्टर