महाराष्ट्र सरकार ने ड्रेस कोड लेकर बनाए नियम, मुस्लिम महिला कर्मचारियों के लिए सीएम ने सुनाया बड़ा फैसला

महाराष्ट्र की उद्धव ठाकरे सरकार ले आयी सरकारी कर्मचारियों के लिए ड्रेस के नियम

हमारे देश के नेताओं के बीच आपसी तनातनी की बातें कोई नई नहीं है। अक्सर पार्टियों के नेता एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यरोप लगाते रहते हैं कई बार वे उनके द्वारा बनाए कानून, योजनाओं पर सवाल उठाते हैं तो कभी भी उन्हीं कानूनों और योजनाओं को समर्थन देते हुए दिखाई पड़ते हैं. ऐसा ही एक मामला हाल ही में सामने आया है जब महाराष्ट्र की उद्धव ठाकरे सरकार ने सरकारी कर्मचारियों की ड्रेस पर कानून बना दिया।

अक्सर यह देखने में आता है कि हिंदुत्व का प्रचार करने वाली दोनों ही पार्टियां भाजपा और शिवसेना के बीच कई अहम मुद्दों पर तीखे प्रहार होते हैं। वहीं कई मुद्दों पर यह पार्टियां साथ खड़ी हुई दिखती हैं बता दें कि इन दिनों भाजपा शासित राज्यों में लव जिहाद को लेकर कानून बनाने पर जोर चल रहा है। जिसको लेकर उद्धव सरकार ने सवाल खड़े किया थे।

महाराष्ट्र सरकार ने ड्रेस कोड लेकर बनाए नियम

आपको बता दें उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार नवंबर में लव जिहाद पर कानून देकर आई जिसके बाद मध्य प्रदेश में भी लव जिहाद पर कानून बनने की घोषणा हुई थी जिसे शिवराज सिंह चौहान के मंत्रिमंडल से सहमति भी मिल चुकी है।

वही महाराष्ट्र की उद्धव ठाकरे सरकार बीजेपी शासित राज्यों में बन रहे लव जिहाद कानून पर सवाल उठाती रही है. लेकिन अब ठाकरे सरकार सरकारी कर्मचारियों की ड्रेस को लेकर यह बड़ा कानून लेकर आई है जिसके बाद यह काफी चर्चा में बना हुआ है।

महाराष्ट्र सरकार अब सरकारी कर्मचारियों के लिए नए ड्रेस कोड लेकर आयी है जिसमें अब सरकारी कर्मचारी गहरे रंग के कपड़े, अजीब कढ़ाई और फ़ोटो बने कपड़े नहीं पहन पाएंगे।

इसके अलावा सरकारी कर्मचारी जींस, टीशर्ट और चप्पल पहनकर दफ्तर नहीं जा पाएंगे। अब सरकारी कर्मचारियों के लिए शर्ट , पेंट या ट्राउजर पहनकर ही दफ्तर जाना होगा वहीं महिला कर्मचारियों को साड़ी, सलवार, ट्राउजर, पैंट शर्ट, चूड़ीदार कुर्ता और दुपट्टा पहन कर ही दफ्तर जाना होगा।

इसके अलावा पुरुष कर्मचारी जूते या सैंडल तथा महिला कर्मचारी चप्पल, जूते और सैंडल पहन कर ही दफ्तर जा सकेंगी। ये सभी नियम संविधा पर लगे कर्मचारियों पर भी लागू होंगे।

आपको बता दें कि इसके अलावा महाराष्ट्र सरकार ने कर्मचारियों से महीने में एक बार खादी पहनकर आने की भी अपील की है जिससे कि सूत कताई जैसे उद्योगों को बढ़ावा मिल सके।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि “कई अधिकारी और कर्मचारी, एक सरकारी कर्मचारी के हिसाब से ड्रेस नहीं पहनते जिससे जनमानस के बीच कर्मचारियों की छवि खराब होती है” जिसके बाद अब यह नियम लाया गया है।