क्या तैयार हो चुकी है महाराष्ट्र में सरकार गिराने की, अमित शाह ने कहा- ….तो कोई नहीं बचा पाएगा सरकार

देश में व्याप्त कोरोना संक’ट के बीच महाराष्ट्र में सियासी अस्थिरता बनती नजर आ रही है. पिछले काफी समय से महाराष्ट्र की सियासत में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहे हैं. देश में सबसे ज्यादा कोरोना प्रभावित राज्य महाराष्ट्र में सरकार सभी स्तरों पर असफल रही है, ऐसे आरोपों से गिरी है सरकार का हर कोई साथ छोड़ता नजर आ रहा है. इस दौरान कई नेताओं ने गठबंधन सरकार का साथ छोड़ भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया है.

इसी बीच गृह मंत्री अमित शाह द्वारा एक इंटरव्यू में महाराष्ट्र में बीजेपी की सरकार बनने की संभावनाएं व्यक्त की हैं. इंटरव्यू के दौरान अमित शाह ने महाराष्ट्र में सरकार को लेकर जो बड़ा बयान दिया है उसके बाद लगभग सारी तस्वीर साफ हो चुकी है.

अमित शाह ने इस दौरान कहा यदि शिवसेना कॉन्ग्रेस और एनसीपी के गठबंधन वाली महाराष्ट्र सरकार में सभी पार्टियों का एक दूसरे पर भरोसा बना रहता है तो वह सत्ता में बने रहेंगे लेकिन अगर किसी का भी भरोसा सरकार से उठता है तो सरकार गिरने से कोई नहीं बचा सकता है.

वहीं अगर मौजूदा हालातों पर नजर डाली जाए तो महाराष्ट्र में इस समय कई बड़े नेता और विधायक सरकार के कामकाज से नाराज हैं. जिसके चलते उनके बीजेपी में शामिल होने की संभावनाओं को बल मिल रहा है.

जब अमित शाह से पूछा गया क्या बीजेपी सरकार गिराने का प्रयास कर रही है तो उन्होंने कहा कि देश में कोरोना सं’कट छाया हुआ है ऐसे में बीजेपी किसी भी राज्य को अस्थिर करने का प्रयास क्यों करेगी? लेकिन अगर गठबंधन में द’रार आती है तो सरकार नहीं बच सकती है.

अगर अमित शाह के संकेतों को समझा जाए तो यह जाहिर होता है कि महाराष्ट्र की राजनीति को लेकर स्क्रिप्ट लिखी जा चुकी है अब केवल उसका पर्दे पर उतरना बाकी है. ऐसी संभावनाएं जताई जा रही हैं कि महाराष्ट्र में एक बार फिर से सियासी नाटक देखने को मिल सकता है.

कुछ महीने पहले ही मध्यप्रदेश में कमलनाथ की सरकार गिरने के पीछे बीजेपी की रणनीति को लेकर अमित शाह ने कहा कि किसी भी राज्य में सरकार बचाना मेरी जिम्मेदारी नहीं है. मध्यप्रदेश में सरकार बचाना राहुल और सोनिया गांधी की जिम्मेदारी थी जो वह नहीं कर सके तो इसमें बीजेपी की क्या गलती?

उन्होंने कहा कि अगर इतनी बड़े पैमाने पर नेता किसी दल को छोड़कर हमारे पास आ रहे हैं तो यह उनकी इच्छा है. हमने किसी से भी दल नहीं बदलवाया है. आपको बता दें कि पिछले काफी समय से मीडिया में खबरें आ रही हैं एनसीपी उद्धव ठाकरे के कोराना संक’ट के दौरान उठाए गए कदमों से संतुष्ट नहीं है. ऐसे में अब महाराष्ट्र में सियासी उठापटक होने की संभावनाओं से इनकार नहीं किया जा सकता है.