क्लीनिक की आड़ में महिला डॉक्टर चला रही थी से’क्स रैकेट, कई नेता, छात्र पुलिस की गिरफ्त में

देश भर में फैली कोरोना महा’मारी के इस संकट की घडी में डॉक्टर खुदा का दूसरा रूप साबित हो रहे हैं. अपनी जान हथेलियों पर रख कर डॉक्टर्स दिन-रात कोरोना से संक्र;मित मरीजों को बचाने में जुटे हुए हैं. लेकिन ऐसे समय में भी एक डॉक्टर ने क्लीनिक की आड़ में जिस घिनौनी घटना को अंजाम दिया वह हैरान कर देने वाला है. यह मामला हमें बताता है कि कोई अपना ईमान बेचकर चंद पैसों की खातिर कितना नीचे घिर सकता है.

हैरान कर देने वाला यह मामला मध्यप्रदेश की राजधानी से सामने आया है. राजधानी में एक डॉक्टर द्वारा क्लीनिक में चलाए जा रहे सै’क्स रैकेट का पुलिस ने पर्दाफाश किया है. इस दौरान कई बड़े-बड़े व्यापारी और नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया है.

बताया जा रहा है कि राजधानी के बरखेड़ी के एक घनी आबादी वाले इलाके में एक महिला डॉक्टर अपनी ही क्लीनिक में से’क्स रैकेट का संचालय कर रही थी. पुलिस द्वारा डाली गई रेट के दौरान १० आरोपी भी पकडे हुए है.

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पकड़े गए इन 10 आरोपियों में से एक तृणमूल कांग्रेस का मध्यप्रदेश अध्यक्ष सचिन सिंह चौहान भी शामिल है. इसके आलावा एक बड़ा प्रापर्टी डीलर और एक पूर्व सरपंच भी शामिल हैं.

पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक इस रैकेट की सरगना डॉक्टर खुद थी. वह पिछले दो साल से इस धंधे को चला रही थी. इसकी भनक डीजीपी को लगते ही उन्होंने क्राइम ब्रांच को सक्रिय किया और तुरंत कार्रवाय़ई शुरू कर दी.

जिसके बाद क्लीनिक में सोमवार रात को एक पुलिस कर्मी को ग्राहक बनाकर भेजा दिया गया. जिसने अंदर जाते ही अपने साथियों को इशारा कर दिया. इशारा मिलते ही क्राइम ब्रांच ने छापा मारा और क्लीनिक में तीन महिलाएं और छह पुरुषों को आपत्तिजनक हालत में पकड़ा.

इतना ही नहीं पुलिस ने बताया कि डॉक्टर खुद भी देह व्यापर करती थी. उसके साथ पकडे गए अन्य आरोपियों में टीएमसी का प्रदेश अध्यक्ष सचिन सिंह चौहान, एक प्रापर्टी डीलर आसिफ हसन, एक सेल्स मैनेजर आमिर खान, एक छात्र मयंक साहू, पूर्व सरपंच इरफान खान और सलमान खान शामिल हैं.

पुलिस के अनुसार बीयूएमएस से डिग्री प्राप्त महिला डॉक्टर गुप्त रोग के साथ बवासीर का इलाज किया करती थी. उसके पति की मौ’त बीस साल पहले हुई जो खुद एक डॉक्टर थे. महिला डॉ ने दो साल पहले इस धंधे में कदम रखा इसके बाद आर्थिक रूप से कमजोर व जरूरतमंद महिलाएं खुद आकर उसके साथ धंधे में जुड़ गई.