ममता बनर्जी ने देश के कई दिग्गज नेताओं को लिख भेजी चिठ्ठी, जानिए अचानक ऐसा क्या हो गया

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव प्रचार मंगलवार को खत्म हो गया है। नंदीग्राम में प्रचार के आखिरी दिन एक अप्रैल को होने वाले दुसरे चरण के मतदान के लिए तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो और ममता बनर्जी ने जोर शोर से प्रचार किया तो वहीं शुभेंदु अधिकारी के लिए गृहमंत्री अमित शाह ने भी रोड शो किया था।

अंतिम चरण के चुनाव प्रचार खत्म होने से पहले ममता बनर्जी पैर में चोट के बावजूद व्हीलचेयर से खड़ी भी हुईं थीं। विरोध पक्षों ने ममता बनर्जी के इस एक्शन को भी प्रचार का माध्यम ही बताया था। इसी राजकीय गहमा-गहमी के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जरूरी मुद्दे को नजर में रखते हुए कोंग्रेस के दिग्गज नेताओं को चिट्ठी लिखी है।

Modiji Shaha kejriwal

ममता बनर्जी ने अपनी इस चिट्ठी में प्रधानमंत्री , गृहमंत्री और उप राज्यपाल की कार्यकारी व्यवस्था पर एतराज जाहिर किया है। उन्होंने अपने इस खत में सभी नोन बीजेपी नेताओं से इस मनमर्जी के खिलाफ आवाज बुलंद करने की अपील की है।

एनसीटी बिल 2021 के विरोध में लिखा खत

ममता बनर्जी ने राष्ट्रीय राजधानी राज्यक्षेत्र संशोधन कानून 2021 (एनसीटी बिल 2021) के विरोध में कोंग्रेस समेत देश की अन्य पार्टी के नेताओं को चिट्ठी लिखी है।

राज्यक्षेत्र संशोधन कानून 2021(एनसीटी बिल ) लोकसभा में 22 मार्च और राज्यसभा में 24 मार्च को पारित किया गया था। इसके बाद 28 मार्च को राष्ट्रपति के द्वारा इस बिल को मंजूरी भी मिल गई थी।

इस कानून के अनुसार, दिल्ली में हर फैसला लेने का हक उपराज्यपाल के पास होगा । मौजूदा सरकार को कोई भी फैसला या कार्यकारी कदम से लेने से पहले उसे उपराज्यपाल की सलाह लेकर मंजूर करवाना पड़ेगा। इस कानून के मुताबिक अदृश्यरूप से उपराज्यपाल के पास सरकार से भी अधिक सत्ता होगी।

ममता बनर्जी का हर राज्य के नोन बीजेपी नेताओं को लिखा खत

केन्द्र सरकार के इसी कानून पर कड़ा एतराज जाहिर करते हुए टीएमसी अध्यक्ष ममता बनर्जी ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, शरद पवार, अरविंद केजरीवाल,उद्धव ठाकरे,एमके स्टालिन, अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव, नवीन पटनायक, हेमंत सोरेन, जगन मोहन रेड्डी, केएस रेड्डी, फारुक अब्दुल्ला, महबूबा मुफ्ती और दिपांकर भट्टाचार्य CPI ( ML ) को एक खत लिखा है।

इस चिट्ठी में ममता बनर्जी ने लिखा है कि,” बीजेपी ने जिस जिस तरह से एनसीआर बिल को पास कराने का प्रयास किया है इसके खिलाफ आवाज उठाना बेहद जरूरी है।

अपने खत में उन्होंने यह भी लिखा है कि भारतीय जनता पार्टी एक अथॉरिटेरियन पार्टी है। खत में केंद्र सरकार पर ममता बनर्जी ने यह भी आक्षेप किया कहा कि , सरकार की मंशा देश के हर राज्य की आवाज और जो आवाज उससे मेल-मिलाप ना रखे उसे दबा देना है।

निर्वाचित सरकारों के लिए समस्याएं

ममता बनर्जी ने आगे यह भी लिखा कि, ”शासित राज्यों में सभी गैर-बीजेपी दलों केन्द्र राज्यपाल के कार्यालय का गलत तरीके से इस्तेमाल करके निर्वाचित सरकारों के लिए समस्याएं खड़ी कर रहे है।”

उप राज्यपाल को दिल्ली का वायसराय

एनसीटी बिल के खिलाफ अपनी नागवारी का इजहार करते हुए ममता बनर्जी ने आगे कहा कि, “उप राज्यपाल को तो मानो कि घोषित किए बिना ही दिल्ली का वायसराय बना दिया गया है, ऐसा लगता है जैसे कि वह प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के लिए एक प्रतिनिधि के रूप उन्के द्वारा बताए गए हर काम को अंजाम दे रहे हैं।

पुणे (महाराष्ट्र) की रहने वाली 'बुशरा त्यागी' पिछले 5 वर्षों से एक Freelancer न्यूज़ लेखक (Writer) के तौर पर कार्य कर रही हैं। 16 साल की उम्र से ही इन्होंने शायरी, कहानियाँ, कविताएँ और आर्टिकल लिखना शुरू कर दिया था।