अब मार्केट जाने के लिए देने होंगे 5 रुपये बतौर टिकट, ज़्यादा देर रुके तो 500 का चालान

कोरो'ना के चलते नासिक म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ने नए दिशा निर्देश जारी किये हैं, बाजार जाने के लिए लोगों को 5 रुपये का टिकट लेना होगा और एक घंटे से ज्यादा रुके तो 500 रुपये का चालान भी भरना पड़ सकता है

महाराष्ट्र: कोरो’ना वायर’स जबसे हमारे देश में आया है, तब से केंद्र सरकार और राज्य सरकार अलग-अलग जगह अपने अपने प्रदेश के हिसाब से नियम और कानून बना रहे हैं. हालांकी कोरो’ना से हमें बीच में कुछ महीनों के लिए कुछ दिनों तक राहत मिल गई थी, लेकिन बीते कुछ दिनों मैं यह एक बार फिर से बढ़ता हुआ जा रहा है जिसके चलते राज्य सरकारों की चिं’ता जायज है.

देश के महाराष्ट्र स्टेट में कोरो’ना के मामले सबसे ज्यादा देखने को मिल रहे हैं, जिसके बाद से महाराष्ट्र में कोरो’ना की दूसरी लह’र में सबसे पहले कुछ शहरों में लॉक डाउन की स्थिति बनी थी. अब हाल ही में नासिक में प्रशासन ने नागरिकों की सुर’क्षा हेतु एक नई गाइडला’इन जारी की है. जिसकी वजह से लोग विरो’ध भी कर रहे हैं.

लोग इस फैसले से बिलकुल भी खुश नहीं हैं

Nasik MArket me Jane ke liye dene honge 5 rupey

नासिक में कोरो’ना के चलते नए नियमों के तहत, अब से शहर के नागरिक किसी भी मार्केट में खरीदारी के लिए निकलेंगे तो उनको ₹5 प्रति व्यक्ति के हिसाब से टिकट लेना होगा.

इसके अलावा एक बात और ये है कि वहां आप 1 घंटे से ज्यादा नहीं रुक सकते, अगर किसी व्यक्ति को अनावश्यक रूप से 1 घंटे से ज्यादा घूमते पाया गया तो उसको इस नई गाइडलाइन का उल्लं’घन के स्वरूप ₹500 का चालान भरना होगा.

पुलिस प्रशासन ने नासिक के सभी मार्केट और दुकानदारों को, जिनमें सब्जी विक्रेता और खाने पीने के सामान वाली दुकानों को पास जारी किए जाएंगे और मार्केट में रहने वालों को बिना आईडी की जांच के अंदर नहीं जाने दिया जाएगा.

बता दें, नासिक प्रशासन की इस नई गाइडलाइन से, स्थानीय लोग थोड़े नारा’ज हैं. लोग सोशल मीडिया के जरिए इसको पूरी तरह से गलत फैसला बता रहे हैं.

आम आदमी को परेशानी, पैसा तो वैसे ही नहीं है

क्यूंकि एक आम आदमी के लिए यह ₹5 का टिकट एक तरह से ना’जाय’ज वसूली सी करना होगी. वही नासिक ट्रेडर्स एसोसिएशन ने भी इसको प्रशासन द्वारा एकतरफा फैसला बताया है, क्योंकि यह फैसला लेते वक्त उन्होंने व्यापारी या अन्य विक्रेताओं को विश्वास में नहीं लिया.

इधर नासिक में किसी भी व्यापारी एसोसिएशन की न तो सलाह ली गयी और न ही इनको किसी भी तरह के नियम को लागू करने या उसमे बदलाव करने के बारे में पता था.

मार्किट एसोसिएशन का कहना है कि इस तरह का फैसला लेने से पहले, उनको इस तरह की पहले से जानकारी देना चाहिए थी. उसके बाद सबकी सहमति होने पर ही लागू होता तो ठीक रहता.

सोशल मीडिया पर नासिक की यह खबर सामने आते ही, सोशल मीडिया यूज़रों द्वारा काफी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही हैं. कई लोग तो बोल रहे हैं कि बस अब सां’स लेना बाकी रह गया है, और कुछ तो यह बोल रहे हैं कि अब अपने घर में घुसने का भी सरकार को पैसा देना होगा.

दिल्ली (नोएडा) के रहने वाले ज़ुबैर शैख़, पिछले 10 वर्षों से भारतीय राजनीती पर स्वतंत्र पत्रकार और लेखक के तौर पर कई न्यूज़ पोर्टल और दैनिक अख़बारों के लिए कार्य करते हैं।