अब ईसाई युवती और मुस्लिम युवक की शादी पर मचा बवाल, कैनन कानून का पालन नहीं करने पर…

केरल के सायरो मालाबार चर्च की 3 सदस्यीय जांच कमेटी ने ईसाई युवती और मुस्लिम युवक के बीच विवाह को अवैध करार दिया

अक्सर देखा गया की धर्म से बाहर विवाह को अवैध माना जाता है। जहां धर्म से जुड़े हुए लोग इस पर आपत्ति जताते हैं। वहीं राजनीति में भी अब इसकी खूब चर्चा होने लगी है। इस समय एक ओर जहां लव जिहाद को लेकर पूरे देश भर में चर्चा है वहीं केरल से एक ऐसा मामला सामने आया है जो अब सोशल मीडिया पर खासा वायरल हो रहा है।

आपको बता दें कि हाल ही में भाजपा शासित राज्यों में लव जेहाद को लेकर कानून बनाने पर खूब जोर चल रहा है। जहां उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार नवंबर महीने में लव जेहाद पर कानून लेकर आई वहीं मध्य प्रदेश में भी अब लव जेहाद पर कानून बनने की प्रक्रिया शुरू हो रही है जिस पर शिवराज सिंह चौहान मंत्रिमंडल ने अपनी सहमति भी जता दी है।

ईसाई युवती की मुस्लिम युवक से शादी अवैध

हालांकि भाजपा शासित राज्यों में लव जिहाद पर बन रहे कानून पर लोग खूब सवाल उठा रहे हैं। हाल ही में 100 से ज्यादा नौकरशाहों ने योगी आदित्यनाथ सरकार को पत्र लिखकर इस कानून को वापस लेने की मांग की।

हाल ही में केरल से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसमें इस ईसाई युवती और मुस्लिम युवक की शादी को अवैध करार दिया गया है। आपको बता दें कि त्रिशूल जिले की रहने वाली कैथोलिक युवती और कोच्चि के रहने वाले मुस्लिम युवक ने बीते साल 9 नवंबर को शादी की थी जिसे अब केरल के सायरो मालाबार चर्च की तीन सदस्यीय जांच कमेटी ने अवैध करार दिया है।

तीन सदस्यीय जांच कमेटी ने ईसाई युवती और मुस्लिम युवक की शादी पर कहा कि शादी के दौरान कई नियमों का उल्लंघन हुआ है शादी में कैनन कानून का पालन नहीं किया गया जिससे यह शादी अवैध है।

बता दें कि कैथोलिक चर्च का कैनन कानून को कैथोलिक चर्च के वरिष्ठ अधिकारी तैयार करते हैं जिनका कैथोलिक समुदाय के लोगों को पालन करना अनिवार्य होता है। ऐसे में चर्च का कहना है कि है यह वह खुद सुनिश्चित करेगा कि कैथोलिक समुदाय में होने वाली हर शादी कैनन कानून के द्वारा ही हो।

वहीं इस शादी को अवैध घोषित करने के साथ ही शादी कराने वाले दो पादरियों को भी दोषी ठहराया गया है। क्योंकि उन्होंने शादी के दौरान कैनन कानून का पालन नहीं करवाया था। केरल में हुई इस घटना पर अब आर्क बिशप मार जॉर्ज एलेनचेरी ने जांच के आदेश दिए हैं।