VIDEO: मां तुझे सलाम.., लॉकडाउन में 1400 किमी स्कूटी चलाकर बेटे को घर लाने वाली मां से मिलिए

Coronavirus Lockdown: कोरोना वायरस के चलते देश भर में लॉकडाउन के दौरान कई ऐसी खबरें आईं जिनमें देखने को मिला कि लोग लाखों दिहाड़ी मजदुर सैकड़ो किलोमीटर पैदल ही अपने गांवों की ओर चल पड़े. क्योंकि पब्लिक ट्रांसपोर्ट पूरी तरह से बंद हो चुके हैं. ऐसे में जब 17 साल का निजामुद्दीन अपने घर से लगभग 650 किलोमीटर दूर फंस गया, तो उसकी मां ने उसे घर लेन की ज़िम्मेदारी उठाई और अपनी स्कूटी उठाकर चल पड़ी।

देशव्यापी लॉकडाउन के बीच निजामुद्दीन की मां के जज्बे को सोशल मीडिया सलाम कर रहा है. दरअसल रजिया बेगम नाम की इस महिला ने 1400 किमी स्कूटी चलाकर अपने बेटे को घर सुरक्षित ले आई। रजिया तेलंगाना के निजामाबाद की रहने वाली है. लोग रजिया के लिए लिख रहे हैं कि मां से बड़ा योद्धा कोई नहीं हो सकता।

आपको बता दें 50 साल की रजिया बेगम टीचर हैं. वे महाराष्ट्र-तेलंगाना के बॉर्डर के पास बोधान शहर की रहने वाली है. रजिया बताती है कि उनका बेटा निजामुद्दीन जो हैदराबाद में रहकर मेडिकल की तैयारी कर रहा है. और निजामुद्दीन दोस्त के पिता बीमार थे, तो इसलिए उसकी मदद करने नेल्लोर गया हुआ था. जब लॉकडाउन हुआ तो वहीं फंस गया।

रज़िया अपने बेटे को वापस लाने के लिए बोधान के ACP जयपाल रेड्डी के पास पहुंचीं. और उन्होंने ACP को पूरा हाल समझाया. फिर कर्फ्यू पास बनवाकर 6 अप्रैल को अपने पास में कुछ खाने-पीने का सामान एक छोटे बैग में रख कर अपनी स्कूटी से निकल पड़ी रज़िया बेगम बताती है की बीच-बीच में कई पुलिस चेक पॉइंट्स पड़े जिनपर मुझे रोका गया हर जगह में पुलिस को पूरी डिटेल समझाई और फिर निकल पड़ी।

हलाकि इस दौरान पुलिसवालों ने भी उन्हें रुकने की जगह मुहैया कराई. मदद करने की पेशकश की. सात अप्रैल को रज़िया नेल्लोर पहुंचीं. अपने बेटे को स्कूटी पर बिठाकर वापस अपने घर की और निकल लीं. आठ अप्रैल की शाम तक वो घर वापस सुरक्षित वापस लोट चुकी थीं।

 

बता दें रज़िया बेगम सिंगल मदर हैं. और उनके एक बेटा और एक बेटी है. लॉकडाउन के इन हालात में तकरीबन 1400 किलोमीटर अपनी स्कूटी पर सफ़र किया. लेकिन अपने बेटे को सही-सलामत वापस अपने घर ले आईं. अब सोशल मीडिया पर लोग इस माँ को सलाम कर रहे है।

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