क्या लापता AN-32 विमान को एलिय’न के बहाने सरकार की नाकामी छु’पा रहा था मीडिया?

नई दिल्ली: भारतीय वायुसेना के लापता विमान AN- 32 के मलबे की पहली तस्वीर सामने आ गई हैं। तस्वीर में देखा जा सकता है की घने जंगलों के बीच विमान का मलबा पड़ा हुआ दिखाई दे रहा है। वायुसेना की टीम ने सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान एएन-32 के टुकड़ों को अरुणाचल प्रदेश के लिपो नाम की जगह से 16 किलोमीटर उत्तर में देखे है। फिलहाल वायुसेना का दल विमान के मलबों की जांच कर रहा है। जिसके म द्देनजर एयरफोर्स ने अब सर्च ऑपरेशन का दायरा भी बढ़ा दिया है।

बी बता दें पिछले 8 दिन से लापता AN-32 विमान का मलबा अरुणांचल प्रदेश में चीन की सीमा के पास से मिलने की पुष्टि हो चुकी है जिसके बारे में एक दो तीन दिन पहले Zee-News चैनल ने ए लि यंस द्वारा उठा लिए जाने जैसा अवैज्ञानिक और मूर्ख बनाने वाला प्रोपोगैंडा फैला रहा था। देश का एक ऐसा हिस्सा जो प्रोपेगैंडा और खबरों में अंतर नहीं कर पाता ऐसी बेतुकी खबरों को अक्सर सच मान लेता है।

लापता विमान AN- 32 जिस रहस्यमयी तरीके से विमान चीन की सीमा के पास से मिला है उससे इस संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता कि विमान चीन ने मार गिराया हो। हो सकता है सरकार इस फै क्ट को छुपाने के लिए भी इस खबर को मीडिया के सामने नहीं आने देना चाहती हो। वो सरकार जिसने पूरा लोकसभा चुनाव ही पाकिस्तान और फर्जी रा ष्ट्रवाद के नाम पर लड़ा हो वह इस तथ्य को छुपाने के लिए किसी भी हद तक जा भी सकती है।

देश में झूट का प्रोपोगैंडा चलने वाले न्यूज चैनलों द्वारा अक्सर किसी मुद्दे पर सरकार पर पड़ने वाले दवाब को कम करने के लिए भी किया जाता है। जिसका एक जीता जागता उदाहरण कठु आ कां ड भी है। क ठुआ रे प मामले में महिला सुरक्षा को लेकर जब सरकार पर दबाव बन रहा था तब सरकार की गोद में बैठे हुए Zee न्यूज और दैनिक जागरण जैसे अखबार और न्यूज चैनल अपनी झूठी रिपोर्टों दो धड़ल्ले से परोस रहे थे।

कई गोदी मीडिया कहे जाने वाले न्यूज़ चैनल के माध्यम से इस तरह का माहौल क्रिएट कर रहे थे कि कटु आ कां ड में रे प तो हुआ ही नहीं। कठु आ मामले का फैसला आज आपके सामने है सुप्रीम कोर्ट ने कठु आ मामले में आ रोपि यों को दो षी करार दे दिया है।

उसी तरह सरकार और मीडिया का एक बड़ा हिस्सा इस समय किसी भी ऐसी न्यूज को छिपाने के लिए किसी भी स्तर पर जा सकते हैं जहां इन्हें राजनीतिक रूप से नुकसान की संभावना हो।

विमान का मलबा मिल चुका है जिससे लगभग तय है कि उसमें सवार 13 लोग श हीद हो चुके हैं। जब सरकार का भौंपू जी न्यूज चैनल विमान के लापता होने को एलि यं स द्वारा उठा लिए जाने जैसी फर्जी और भ्रामक खबर फैला सकता है तो इस संभावना से मना नहीं किया जा सकता कि सरकार भी इससे सम्बंधित तथ्यों को छुपाने की कोशिश कर रही हो।

साभार: boltahindustan