खुद को ‘कोब’रा’ का उपनाम देने वाले मिथुन अब अपने आपको “उड़ता हुआ कौवा” बता रहे हैं

दिल्ली: इस पोस्ट को पड़ने के बाद शायद आपको इस बात पर विश्वास न हो, भाजपा ज्वाइन करने के बाद, बॉलीवुड के जाने माने डिस्को डांसर बॉलीवुड अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती ने Aaj Tak के रिपोर्टर प्रभु चावला को दिए इंटरव्यू कार्यक्रम Seedhi Baat के दौरान कुछ ऐसा कह दिया है जिसकी वजह से वो ट्रोल हो रहे हैं.

पत्रकार के एक सवाल पूछे जाने के बाद मिथुन चक्रवर्ती ने अपने बारे में कहा कि वह राजनेता बिल्कुल ही नहीं है और न ही वह राजनीति करते हैं। वह इन सभ के बजाय मनुष्य नीति करते हैं। उन्होंने आगे यह भी कहा कि यह बात सच है कि उनका फिल्मों से गहेरा नाता हैं, लेकिन निजी जिंदगी में वह अपनी बात को रखने वाले व्यक्ति हैं। उन्होंने हंमेशा से हर मौके पर बह’स की है।

पत्रकार ने सवाल किया था कि आप एक राजनीतिक खिलाड़ी नहीं हैं?

पत्रकार को जवाब देते हुए मिथुन ने कहा, “नहीं सर, बिल्कुल नहीं। मैं बिल्कुल भी है। मुझे यह कहने में कोई शर्म भी नहीं है।

बंगाल के चुनाव से ठीक पहले ही BJP में एंट्री लेनेवाले बॉलीवुड स्टार मिथुन चक्रवर्ती ने पीएम को लेकर खुलासा किया है कि वह तो पहले से ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जबरदस्त फॉलोअर थे। वह बस इस बारे में उन्होंने कभी भी खुलकर इजहार नहीं किया था। चक्रवर्ती के मुताबिक, एक अकेले मोदीजी ही सब पर भारी हैं।

“मोदीजी अकेले ही काफी”

चक्रवर्ती को चावला ने यही सवाल घुमा फिरा कर दूसरे तरीके से पूछा, “आप चुनाव कैंपेनर हैं, पर राजनेता नहीं?” वह बोले, “मैं पहले भी नहीं था। आज भी नहीं हूं और कल भी नहीं रहूंगा।” रिपोर्टर ने कहा कि मोदी के लिए ही आए हैं.

एक फॉलोअर तो बन ही गए? इस बात का जवाब देते हुए कहा, “हां, बिल्कुल…मैं तो जबरदस्त फॉलोअर हूं। पहले से ही था, मगर कभी बोलता नहीं था, पर था। मैं तो पीएम सर को काफी पहले से फॉलो करता आ रहा हूं। मोदीजी अकेले ही काफी हैं।

मैं राजनीति नहीं मनुष्यनीति करता हूं

रिपोर्टर: आपका मिशन चुनाव तक है? खुद को पूर्व में कोबरा का लकब दे चुके मिथुन ने बताया- नहीं, मैं वहां रहकर काम करना चाहता हूं।

फिल्मों में भी करूंगा, पर पता नहीं कि कोई मुझे फिल्में देगा भी या नहीं। मैं शायद समझा नहीं पाता हूं, पर मैं राजनीति नहीं मनुष्यनीति करता हूं। मैं अपनी तरफ से कुछ भी नहीं मांगूंगा।

मैं तो एक उड़ता हुआ कौवा हूं, जो डाली पर आकर बैठ गया हूं। और झूठ बोलने पर कौवा तो काटता ही है।

आप फेल नेता हैं?

रिपोर्टर: मतलब आप यह स्वीकारते हैं कि आप फेल नेता हैं? उन्होंने जवाब दिया- जब मैं राजनेता ही नहीं हूं, तो फिर फेल क्या है? विफल तो वह होता है, जो कोशिश करता है।

मैं नेता ही नहीं हूं। मैं झुठ नहीं बोलूंगा, क्योंकि मैं राजनेता नहीं हूं। मुझे लगा कि मैं जिस भाषा में संवाद करता हूं, वह ये संसदीय भाषा नहीं है, इसलिए मैंने हाथ जोड़ लिए और शुक्रिया कह दिया।

पुणे (महाराष्ट्र) की रहने वाली 'बुशरा त्यागी' पिछले 5 वर्षों से एक Freelancer न्यूज़ लेखक (Writer) के तौर पर कार्य कर रही हैं। 16 साल की उम्र से ही इन्होंने शायरी, कहानियाँ, कविताएँ और आर्टिकल लिखना शुरू कर दिया था।