देखिए भांड मीडिया की हकीकत, इन्हें शहीदों से कोई मतलब नहीं, इन्हें सिर्फ एक पार्टी और एक नेता को बचाने से मतलब है

प्रधानमंत्री के बयान को पूरी चीनी मीडिया ने प्रमुखता से छापा, जिससे कि पूरी दुनिया में चीन को फायदा हुआ है. लेकिन भारतीय मीडिया में किसी भी एक एंकर, एक भी टीवी चैनल की हिम्मत नहीं हुई कि पीएम नरेंद्र मोदी के राजनीतिक बयान पर बहस करते, किसी की हिम्मत नहीं हुई कि ये हेडलाइन चलाते कि क्या भारतीय प्रधानमंत्री चीनी भाषा बोलने लगे हैं? क्या प्रधानमंत्री के बयान से चीन को फायदा हुआ है?

लेकिन अफसोस कि पूरा भारतीय मीडिया बेहयाई के साथ प्रधानमंत्री के विशुद्ध राजनैतिक बयान को ही मास्टर स्ट्रोक सिद्ध करने में लगा हुआ है. लेकिन आपको याद दिलाता हूं कश्मीर से 370 हटने पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक बयान दिया था. बयान भी क्या ही बयान था, आप खुद पढ़िए.

उन्होंने क्या कहा था- खबरें आ रही हैं कि जम्मू कश्मीर में हालत बहुत खराब हो गई है, बहुत जरूरी हो गया है कि पूरी ट्रांसपेरेंसी के साथ प्रधानमंत्री देश को बताएं कि जम्मू कश्मीर में एक्चुअल हालत कैसी है, हालात कंट्रोल में है कि नहीं, पूरी ट्रांसपेरेंसी के साथ देश की जनता को बताएं.

अब आप बताइए इस बयान में क्या कुछ गलत था? क्या जम्मू कश्मीर के नागरिक देश के नागरिक नहीं हैं? क्या देश के बाकी नागरिकों को उनकी हालत जानने का अधिकार नहीं है? कि देश के एक राज्य कश्मीर और उसके नागरिकों की हालत कैसी है?

Shyam Meera Singh (Image Source: Facebook)

जैसा कि स्वभाविक ही था, राहुल गांधी के इस बयान को पाकिस्तान की मीडिया में जगह मिलनी ही थी. कायदे से पाकिस्तान ही क्या इसे भारतीय मीडिया में भी प्रमुखता से जगह मिलनी चाहिए थी. लेकिन अफसोस कि मीडिया ने जम्मू कश्मीर की हालत पर सवाल पूछने के बजाय सरकार की तरफ से ही बेटिंग शुरू कर दी.

उल्टा राहुल गांधी को ही पाकिस्तानी प्रेमी कहने लगे. सब जानते हैं इस तरह की घृणित कवरेज करने का लाभ किस पार्टी, किस नेता के लाभ के लिए किया जा रहा था. राहुल गांधी के बयान की भारतीय मीडिया में की गई कवरेज को आप स्वयं ही देख लीजिए. इसे देखकर आपको मीडिया से घृणा हो जाएगी.

अब याद करिए कि मोदी द्वारा चीनी दावे को सही साबित करने वाले बयान के बाद क्या किसी भी टीवी चैनल ने मोदी के लिए कोई शो चलाया? और ये भी सोचिए कि जो बयान नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री होते हुए दिया है, यदि यही बयान प्रधानमंत्री रहते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने दिया होता तो क्या होता?

यह सभी स्क्रीनशॉट्स मेहनत करके इकट्ठे किए हैं, ताकि आप मोदी मीडिया की हकीकत को देख सकें. इन्हें शहीदों से मतलब नहीं, इन्हें देश की जमीन से भी मतलब नहीं है, इन्हें फैक्ट्स एंड ट्रुथ से भी मतलब नहीं है. इन्हें सिर्फ एक पार्टी, एक नेता को बचाने से मतलब है. नेता बचना चाहिए, देश बाद में बच जाएगा.

लेखक- श्याम मीरा सिंह
(यह लेख उनके फेसबुक वाल से साभार हैं, यह लेखक के निजी विचार हैं )