मोदी सरकार को तगड़ा झटका- एंटीगुआ प्रशासन ने चोकसी को लेकर दिया बयान, भारतीय जांच एजेंसियों में हड़कंप

लोकसभा चुनावों के अंतिम चरण के मतदान से पहले केंद्र की मोदी सरकार को एक बड़ा झटका लगा है. दरअसल पंजाब नेशनल बैंक के 13 हजार करोड़ रुपए का घोटाला कर देश छोड़ फरार हो चुके भगोड़ा मेहुल चोकसी को एंटीगुआ ने गिरफ्तार करने से साफ इनकार कर दिया है. आपको बता दें कि इस घोटाले में मेहुल चोकसी के साथ उसका भांजा नीरव मोदी मुख्य आरोपी है.

चोकसी भारत से फरार होकर एंटीगुआ में रह रहा है. पिछले दिनों ही भारतीय जांच एजेंसियों ने इंटरपोल से रिपोर्ट मांगी थी. जिस पर एंटीगुआ के निदेशक पब्लिक प्रासीक्यूशन ने इंटरपोल को लिखित में दी गई सूचना में मोदी सरकार को तगड़ा झटका दिया है.

Image Source: Google

खबरों के अनुसार रिपोर्ट में कहा गया है कि एंटीगुआ प्रशासन ने चोकसी को गिरफ्तार करने से साफ इनकार माना कर दिया है. एंटीगुआ के इनकार के बाद से ही भारतीय जांच एजेंसियों में हड़कंप मच गया है. वहीं इससे पहले उनका भांजा नीरव मोदी को एजेंसियों के प्रयास के बाद लंदन में गिरफ्तार कर लिया गया हैं.

वहीं मेहुल चौकसी के मामले को लेकर भारतीय विदेश मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव मनप्रीत वोरा और एंटीगुआ प्रशासन के बीच कई उच्चस्तरीय बैठक हो चुकी है. मेहुल चौकसी का नया डोजियर एंटीगुआ प्रशासन को दिया गया है. डोजियर में कहा गया है कि मेहुल चोकसी का पासपोर्ट रद्द किया जाए.

इसके साथ ही उसे औपचारिक तौर पर गिरफ्तार करके भारत प्रत्यर्पित कराने की अपील भी की गई थी. आपको बता दें कि चोकसी ने साल 2017 मे ही एंटीगुआ की नागरिकता ली थी. बताया जा रहा है कि मुंबई पुलिस की हरी झंडी के बाद ही चोकसी को नागरिकता मिली सकी थी.

इस पूरे मामले को लेकर सीबीआइ और ईडी की टीमें संयुक्त रूप से जांच में जुटी हुई हैं. वहीं दोनों आरोपी के भारत से भाग जाने के बाद से ही लोकसभा चुनाव में उनके खूब चर्चे होते रहे है.  विपक्षी पार्टियां खासकर कांग्रेस मोदी सरकार को घेरने के लिए अक्सर ही मेहुल चोकसी का जिक्र करती रही है.