मोदी सरकार ने 2030 तक की कर रखी है प्लानिंग, उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह

नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने आज महत्वपूर्ण ऐलान किया हैं. उन्होंने मोदी सरकार के 2030 तक की प्लानिंग के बारे में जानकारी दी हैं. हरदीप सिंह पुरी ने आत्मनिर्भर भारत पर हुए सीआईआई-वेबिनार में अहम घोषणा करते हुए सरकार की 2030 तक की प्लानिंग बताते हुए कहा कि साल 2030 तक 40 फीसदी आबादी की अर्बन सेंटर्स यानि शहरी इलाकों में रहने की उम्मीद है.

उन्होंने कहा कि बढ़ती अर्बन जनसंख्या की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए साल 2030 तक हर साल भारत में 600 से 800 स्क्वेयर मीटर का अर्बन स्पेस बनाना होगा.

उन्होंने कहा कि इसके लिए हमने 100 स्मार्ट सिटी में दो लाख करोड़ रुपये से भी अधिक की लागत की 5,151 योजनाओं को चिन्हित किया है. इस योजना के जरिए सरकार ने अब तक लगभग 4700 स्कीम के टेंडर निकाल भी दिये हैं जिसकी लागत कीमत 1.66 लाख करोड़ रुपये है.

उन्होंने यह भी बताया कि यह आंकड़ा पूरे प्रोजेक्ट का करीब 81 फीसदी हिस्सा हैं. इसके साथ ही पुरी ने हवाई अड्डों के निजीकरण को लेकर भी कई बातें बताई.

केंद्रीय मंत्रिमंडल के समक्ष पुरी ने बुधवार को कहा कि कुछ और हवाईअड्डों के निजीकरण के लिए कैबिनेट में प्रस्ताव रखा जाएगा. नरेंद्र मोदी सरकार ने फरवरी 2019 में निजीकरण के पहले चरण के तौर पर लखनऊ, अहमदाबाद, जयपुर, मंगलूरू, तिरुवनंतपुरम और गुवाहाटी हवाई अड्डों का परिसंचालन के लिए पीपीपी मॉडल को मंजूर किया गया था.

सार्वजनिक-निजी-भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत निजी कंपनियों को परिचालन, प्रबंधन और विकास में भागीदार बनाया गया था. इसके बाद भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) ने सितंबर 2019 में दुसरे चरण के तहत नागर विमानन मंत्रालय ने पांच और हवाईअड्डों के नाम की सिफारिश की.

जिसमें अमृतसर, वाराणसी, भुवनेश्वर, इंदौर और रायपुर के हवाईअड्डों के निजीकरण के लिए शामिल किये गए थे.  उन्होंने बताया कि कल हम कैबिनेट के सामने और हवाईअड्डों के निजीकरण का प्रस्ताव पेश करेंगे.

उन्होंने बताया कि इस चरण में करीब दर्जन भर हवाईअड्डों का निजीकरण किया जाएगा. उन्होंने यह भी कहा कि हमारी सरकार अब 2030 तक देश भर में 100 नए हवाईअड्डे बनाएंगी.

नागर विमानन मंत्रालय के अंतर्गत काम करने वाले एएआई के पास अभी देश भर में स्थित 100 से अधिक हवाईअड्डों का स्वामित्व है और वह इनका प्रबंधन करती हैं. वहीं 14 फरवरी, 2020 को अडाणी एंटरप्राइजेज ने एएआई के साथ तीन बड़े और प्रमुख हवाईअड्डों अहमदाबाद, मंगलूरू और लखनऊ के लिए रियायती करार किया था.

साभार- अमर उजाला