संसद में मोदी सरकार ने कहा, कोरोना से कितने डॉक्टर मरे हमें नहीं पता, मेडिकल एसोसिएशन ने खोल दी पोल, दिया ये आंकड़ा

संसद में मोदी सरकार ने कहा, कोरोना से कितने डॉक्टर मरे हमें नहीं पता, मेडिकल एसोसिएशन ने खोल दी पोल, दिया ये आंकड़ा

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने केंद्र सरकार के संसद में दिये गए बयान पर कड़े शब्दों में नाराजगी जाहिर की है. दरअसल केंद्र सरकार ने संसद में बताया था कि उसके पास कोरोना के कारण अपनी जा’न गंवाने वालों या इस वायरस से सं’क्रमि’त होने वाले डॉक्टरों व अन्य मेडिकल स्टाफ का कोई डाटा उपलब्ध नहीं है. इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के सरकार के इस गै’र जि’म्मेदारा’ना रवै’ये पर कड़ी आपत्ति जाहिर की है.

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने प्रेस रिलीज जारी करते हुए कहा है कि अगर केंद्र सरकार द्वारा कोरोना सं’क्रमि’त होने वाले डॉक्टर और हेल्थ केयर वर्कर का डेटा नहीं रखा गया है.

अगर सरकार यह आंकड़े नहीं रखती है तो उनमें से कितनों ने अपनी जा’न इस वैश्विक म’हामारी की वजह से कुर्बान की तो वह म’हामा’री एक्ट 1897 और डिजास्टर मैनेजमेंट ए’क्ट लागू करने का नैतिक अधिकार खो देती है.

इसमें आगे कहा गया है कि इस से सरकार के दो चेहरे रखने वाले पाखंड का भी पर्दाफाश होता है. एक तरफ सरकार उन्हें कोरोना वॉरियर कहती है और दूसरी तरफ इनके और इनके परिवार को श’ही’द का दर्जा और फायदे देने से साफ मना कर रही है.

एसोसिएशन ने अपने बयान में आगे कहा कि बॉ’र्ड’र पर ल’ड़ने वाले हमारे वीर जवान अपनी जा’न खत’रे में डालकर दुश्मनों का सामना करते है लेकिन कोई भी जवान कोई भी गोली अपने घर लेकर नहीं आता है और अपने परिवार के साथ साझा नहीं करता है.

लेकिन डॉक्टर्स और हेल्थ केयर वर्कर अपना राष्ट्रीय कर्तव्य निभाते हुए ना सिर्फ खुद संक्र’मि’त हो जाते है बल्कि उनके जरिए यह संक्र’मण उनके परिवार और बच्चों को तक हो जाता है.

एसोसिएशन ने कहा कि केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे द्वारा कहा गया कि पब्लिक हेल्थ और हॉस्पिटल राज्य के तहत आते है, इसलिए केंद्र सरकार के पास इंश्योरेंस कंपनसेशन का डाटा मौजूद नहीं है. यह पूरी तरह से कर्तव्य का त्या’ग और राष्ट्रीय नायकों का अपमान है.

इसके साथ ही इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने 382 ऐसे डॉक्टरों की लिस्ट भी जारी की है जिनकी जा’न कोरोना वायरस से लड़’ते हुए चली गई. इसके साथ ही इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने केंद्र सरकार के सामने अपनी कुछ मांगे भी रखी है.

IMA ने सरकार से महामा’री के कारण जान गंवाने वाले डॉक्टर्स को शही’द का दर्जा देने की मांग की है. इसके आलावा उनके परिवार को सांत्वना और मुआवजा, नर्सों व अन्य हेल्थ केयर वर्कर प्रतिनिधि का डेटा लेकर उन्हें भी इसी तरह मुआवजा और सम्मान दिया जाए. इसके साथ ही पीएम सही समझें तो हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष को बुलाकर उनकी चिंताएं समझें और उनके सुझाव सुनें.