VIDEO: दिल्ली हिं’सा पर मोहन भागवत का बयान, कहा- देश में जो कुछ हो रहा है उसके हम दो’षी है

नागरिकता कानून के खिलाफ देशभर में जारी विरोध प्रदर्शन और दिल्ली में हिं’सा के बीच राष्ट्रीय स्वंय सेवक (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने बड़ा बयान दिया है। नागपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान बाबा साहब की लाइनों को कोट करते हुए उन्होंने कहा कि अब देश में जो कुछ भी हो रहा है और होगा उसके लिए दुसरो को क्या दो’ष देना। इस दौरान उन्होंने कहा कि देश की स्वतंत्रता टिकी रहे और राज्य सुचारु रूप से चलता रहे इसलिए सामाजिक अनुशासन जरूरी है।

आपको बता दें भागवत ने यह बात नागपुर में नववर्ष 2020 कार्यक्रम में भाग लेने के दौरान कही। भागवत ने अपने संबोधन में डॉ अंबेडकर और भगिनी निवेदिता की कही कुछ बातों का भी उल्लेख किया है। माना जा रहा है कि यह बयान दिल्ली हिं’सा को लेकर दिया गया है।

BHAGWAT

मोहन भागवत ने कहा कि हम स्वतंत्र हो गए हैं। राजनीतिक दृ’ष्टि से खं’डित क्यों नहीं हो लेकिन स्व’तंत्रता हमें मिली, आज अपने देश में अपना राज है। लेकिन यह स्वतंत्रता टिकी रहे और राज्य सुचारु रूप से चलता रहे इसलिए सामाजिक अनुशासन आवश्यक है।

वही अपने संबोधन में भागवत ने अंबेडकर के भाषणों की बात भी की. उन्होंने कहा, कि स्वतंत्र भारत का सं’विधान प्रदान करते समय डॉक्टर अंबेडकर साहब के दो भाषण संसद में हुए. उनमें उन्होंने जिन बातों को उल्लिखित किया है वो यही बात है।

अब हमारे देश का जो कुछ होगा उसके लिए हम जिम्मेवार हैं. अब कुछ रह गया, कुछ नहीं हुआ, कुछ उलटा-सीधा हुआ तो ब्रिटिशों को दो’ष नहीं दे सकते. इसलिए हमको अब बहुत वि’चार करना पड़ेगा।

इस दौरान मोहन भागवत ने कार्यक्रम की महत्ता समझाते हुए कहा, जब गुलाम थे तब जैसा चलते थे वैसा चलके अब नहीं चलेगा. इस नागरिक अनुशासन की आदत इन कार्यक्रमों से होती है. इस सामाजिक अनुशासन की आदत इन कार्यक्रमों से होती है।