VIDEO: खाड़ी देश में फंसे भारतीयों को वापस लाने के लिए वसूले पैसे, तो क़तर ने एयर इंडिया की सभी उड़ानें रद्द कर दी

रविवार को दोहा अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर उतरने के लिए एयर इंडिया की उड़ान की अनुमति देने से कतर ने इनकार कर दिया है. खाड़ी देशों में फंसे भारतीयों को वापस लाने के वंदे भारत मिशन को प्रत्यावर्तन अभ्यास के चौथे दिन तगड़ा झटका लगा. इनकार के बाद दोहा से तिरुवनंतपुरम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के लिए एयर इंडिया IX 0374 उड़ान रद्द कर दिया है।

एयर इंडिया की एक उड़ान जो रविवार को दोहा से भारतीयों को वापस लाने के लिए निर्धारित की गई थी, कतर की राजधानी में उतरने से इनकार करने के बाद रद्द कर दी गई थी, इस उड़ान में केरल के 181 लोगों को शामिल किया गया था, जिसमें 15 गर्भवती महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे यह राज्य की राजधानी में रात 10.45 बजे माना जाता था।

इस मामले को लेकर तिरुअनंतपुरम जिले के कलेक्टर गोपालकृष्णन ने कहा कि यह कोझीकोड के करीपुर हवाई अड्डे से दोपहर 1.30 बजे फंसे हुए भारतीयों को एयरलिफ्ट करने के लिए छोड़ा गया था, लेकिन कतर के आंतरिक मंत्रालय से इसे अनुमति नहीं मिली।

दरअसल, भारतीयों को वापस लाने के लिए एयर इंडिया का वंदे भारत मिशन है. कतर को शुरू में बताया गया था कि मिशन निकासी तक सीमित था, जिसका अर्थ है कि इसमें कोई वाणिज्यिक हित शामिल नहीं थे. इसलिए एयर इंडिया को हवाई अड्डे के शुल्क में रियायतें मिलीं, लेकिन बाद में जब कतर को पता चला कि यह यात्रा मुफ्त नहीं है, बल्कि एनआरआई 700 रियाल का भुगतान कर रहे थे, तो उन्होंने सभी उड़ानें रद्द कर दीं।

 

न्यूज़ वेबसाइट सियासत की खबर के अनुसार, कतर ने कहा कि यदि एयर इंडिया भारतीय नागरिकों से प्रति व्यक्ति 750 रियाल निकासी के लिए ले रहा है, तो कतर एयरवेज पर एक सस्ते टिकट के साथ ऐसा कर सकता है. वंदे भारत मिशन मोदी सरकार का एक नया घोटाला है।

बता दें बहुत से लोगों को लग रहा है कि यह ‘फेक न्यूज़’ है.?

आपकी जानकारी के लिए बता दें इस खबर को The Hindu, NDTV english, Tims of india के साथ ही बहुत से प्रसिद्ध अख़बार ने छापा है।