मोटेरा स्टेडियम हुआ ‘नरेंद्र मोदी स्टेडियम’, विपक्ष ने कहा- सरदार पटेल का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान

मोटेरा के नाम से मशहूर इस स्‍टेडियम (Motera Stadium) को अब तक 'सरदार पटेल स्‍टेडियम' के नाम से जाना जाता था। लेकिन अब स्टेडियम के नाम को बदलने पर बवाल खड़ा हो गया है। कई लोगों को रास नहीं आ रहा है.

नई दिल्लीः मोटेरा स्टेडियम (Motera Stadium) नाम भूल तो नहीं गए अगर आप यह नाम भूल गए हैं तो हम आपको इसे वापस याद दिलाने वाले हैं जी हां यह वही मशहूर स्टेडियम है जहां पर दुनिया के दो दिग्गज नेता आपस में मिले थे। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मोटेरा स्टेडियम में पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का जबरदस्त स्वागत किया था जो कि खासा चर्चा में रहा था लेकिन अब मोटेरा स्टेडियम एक बार फिर चर्चा में है।

गौरतलब है कि, गुजरात के अहमदाबाद में स्थित मोटेरा स्टेडियम जो कि दुनिया का सबसे बड़ा स्टेडियम है जानकारी के अनुसार गुजरात का मोटेरा स्टेडियम दुनियां में इकलौता ऐसा स्टेडियम है जिसमें फ्लड लाइट नहीं बल्कि नवीन प्रौद्योगिकी वाली एलईडी लाइट लगी हुई है। लेकिन फिलहाल चर्चा का विषय यह नहीं है बल्कि इसका नाम है।

नाम बदलने को लेकर वि’वाद शुरू

बता दें हाल ही में गुजरात के मोटेरा स्टेडियम का नाम बदल दिया गया है अब तक गुजरात के स्टेडियम को ‘सरदार पटेल स्टेडियम’ के नाम से जाना जाता था लेकिन हाल ही में केंद्र सरकार ने इसका नाम बदलकर ‘नरेंद्र मोदी स्टेडियम’ कर दिया है। यह स्टेडियम सबसे ज्यादा चर्चा में तब आया था जब पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप की इसमें मुलाकात हुई थी।

जैसे ही लोगों को यह खबर पता चली कि गुजरात के मोटेरा स्टेडियम का नाम बदलकर नरेंद्र मोदी स्टेडियम कर दिया गया है सोशल मीडिया पर वि’वाद शुरू हो गया। लोग जमकर इसके खिलाफ में कमेंट करने लगे। यही नहीं देश की सभी विपक्षी पार्टियों ने भी केंद्र सरकार पर नाम बदलने के लिए ह’मले किए हैं।

वही गुजरात से कांग्रेस पार्टी के नेता हार्दिक पटेल ने स्टेडियम का नाम बदलने को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा कि “दुनिया के सबसे बड़े अहमदाबाद में स्थित सरदार पटेल स्टेडियम का नाम बदलकर नरेंद्र मोदी स्टेडियम रखा गया है क्या यह सरदार पटेल का अपमान नहीं है?

ट्वीट में उन्होंने आगे लिखा, सरदार पटेल के नाम पर वोट मांगने वाली भारतीय जनता पार्टी अब खुद ही उनका अपमान कर रही है। लेकिन गुजरात की जनता यह अपमान नहीं सहेगी। भारत रत्न लो’ह पुरुष सरदार पटेल ने (RSS) पर प्रतिबंध लगाया था इसलिए आरएसएस के चेले सरदार पटेल का नाम बदलने की हरसंभव कोशिश कर रहे हैं।

उन्होंने आगे लिखा कि बाहर से मित्रता और भीतर से बै’र, यह व्यवहार भाजपा का सरदार पटेल के लिए है बात याद रखिएगा “सरदार पटेल का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान” यही नहीं इसके अलावा कांग्रेस नेता शशि थरूर ने भी स्टेडियम का नाम बदलने को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है।

उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा कि शायद उन्हें एहसास हुआ होगा कि जिस ग्रह मंत्री के नाम पर यह स्टेडियम है उन्होंने उनके संगठन को बैन कर दिया था यह शायद ट्रंप की तरह किसी दूसरे रा’ष्ट्रा’ध्यक्ष के लिए एडवांस बु’किंग की गई है।

सरदार पटेल स्टेडियम का नाम नरेंद्र मोदी स्टेडियम किए जाने के बाद मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा है उन्होंने लिखा कि “जो लोग बड़े काम करते हैं दुनिया उन्हें याद करके उनके नाम पर खुद ध’रोह’रों का नामकरण करती है लेकिन जो लोग सिर्फ जु’मले उठाते हैं वे अपने जीते जी अपने नाम पर ध’रोहरों का नामकरण करने में लगे हैं।

पुणे (महाराष्ट्र) की रहने वाली 'बुशरा त्यागी' पिछले 5 वर्षों से एक Freelancer न्यूज़ लेखक (Writer) के तौर पर कार्य कर रही हैं। 16 साल की उम्र से ही इन्होंने शायरी, कहानियाँ, कविताएँ और आर्टिकल लिखना शुरू कर दिया था।