मुजफ्फरपुर शेल्टर होम केस: ब्रजेश ठाकुर समेत 19 दो’षी करार, जल्द होगा स’ज़ा का एलान !

नई दिल्ली: देश के बहुचर्चित, मुजफ्फरपुर शेल्टर होम केस मामले (Muzaffarpur Shelter Home Case) में 20 लोगों में से 19 को कसूरवार पाया गया है. यह फैसला आज दिल्ली की साकेत कोर्ट नेसुनाया. आपको बता दें की इस केस के प्रमुख अभियुक्त एनजीओ के मालिक ब्रजेश ठाकुर (Brajesh Thakur) को भी इसमें दो’षी माना गया है. हालाँकि इस केस में एक आरोपी को बरी कर दिया है.

देश की भरोसेमंद न्यूज एजेंसी आईएएनएस के मुताबिक, मुजफ्फरपुर के इस मामले में सेवा संकल्प एवं विकास समिति के तहत चलने वाले एक बालिका आश्रय गृह में कई नाबालिग बच्चियों के साथ, यौ’न सम्बंद बनाना, उनके साथ यातना जैसा व्यवहार करने के मामले दर्ज कराये गए थे.

Brajesh Thakut ko saza milta tay

34 लड़कियों के साथ सम्बन्ध बनाने की पुष्टि हुई थी

इन सभी लोगों पर केस दर्ज होने के बाद, बालिका आश्रय गृह में रहने वाली 42 लड़कियों का चेकअप करवाया गया था. जिनमें से 34 के यौ’न शो’षण की पुष्टि हुई थी. इन सभी लोगों के खिला’फ 31 मई, 2018 को एफआईआर दर्ज हुयी थी.

मुजफ्फरपुर शेल्टर होम केस में इन लोगों को मिलेगी स’ज़ा

इस केस में सभी दो’षियों को आगामी 28 जनवरी की सुबह, स’ज़ा सुनाई जा सकती है. ब्रजेश ठाकुर के अलावा मुजफ्फरपुर शेल्टर होम की अधीक्षक, इंदु कुमारी, बालिकागृह की गृह माता मीनू देवी, चंदा देवी, काउंसलर मंजू देवी.

नर्स नेहा कुमारी केस वर्कर हेमा मसीह, सहायक किरण कुमारी, तत्कालीन सीपीओ रवि कुमार, सीडब्लूसी के अध्यक्ष दिलीप कुमार, सीडब्लूसी के सदस्य विकास कुमार, ब्रजेश ठाकुर का ड्राइवर विजय तिवारी, कर्मचारी गुड्डू पटेल.

कृष्णा राम, बाल संरक्षण इकाई की तत्कालीन सहायक निदेशक रोजी रानी, रामानुज ठाकुर, रामाशंकर सिंह, बालिकागृह के डॉक्टर अश्विनी, साइस्ता परवीन उर्फ मधु को अदालत ने दो’षी करार दिया है.