बिकाऊ मीडिया के ज़हर का असर, मुस्लिम परीक्षार्थियों को परीक्षा हॉल में नहीं दिया गया बैठने, बरामदे में बैठाकर ली गई…

इंदौर के नौलखा इलाके में स्थित एक स्कूल में कक्षा 12 की परीक्षा संपन्न हुई बुधवार को परीक्षा देने आए परीक्षार्थियों में से मुस्लिम छात्र छात्राओ को परीक्षा हॉल में बैठने की अनुमति नहीं दी गई उन्हें बरामदे में बैठकर परीक्षा देने के लिए मजबूर किया गया वही इस मामले को लेकर कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखा है।

भोपाल से कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कहा है कि इंदौर के नौलखा स्थित बंगाली स्कूल को 12वीं की परीक्षा का केंद्र बनाया गया है. यह परीक्षा केंद्र इस्लामिया करीमिया विद्यालय के छात्रों का भी है. नौ जून को आयोजित परीक्षा में इस्लामिया करीमिया विद्यालय के छात्रों को परीक्षा हॉल में नहीं घुसने दिया गया। इसका छात्रों ने विरोध, किया तब जाकर उन्हें बरामदे में बैठकर परीक्षा देने की अनुमति दी गई।

वही स्थानीय समाचार पत्र daily Dainik Dopahar के मुताबिक जब छात्र स्कूल में परीक्षा के लिए पहुंचे तो उन्हें कर्मचारियों ने रोक लिया तथा बहुत अनुरोध करने पर उन्हें बरामदे में बैठने की इजाज़त दी गई।

हालांकि स्कूल प्रबंधकों का कहना है कि रेड ज़ोन से आए हुए छात्रों के लिए यह व्यवस्था की गई थी। जबकि छात्रों ने आरोप लगाया कि केवल मुस्लिम समुदाय के बच्चों को ही बरामदे में बैठाया गया।

वही कांग्रेस विधायक मसूद द्वारा मुख्यमंत्री को लिखे गए पत्र में कहा गया है कि जहां सां’प्रदा’यि’क सौहार्द का पाठ पढ़ाया जाना चाहिए, वहां नफरत बांटी जा रही है. इस घ’टनाक्रम के लिए दोषी लोगों पर कार्रवाई की जानी चाहिए।

आपको बता दें कि, भारत में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलो के बीच मुस्लिम समुदाय के साथ भेदभाव के मामले लगातार सामने आ रहे है. भारतीय के कई पत्रकारों ने जिस तरह से मुस्लिम समुदाय खासतौर से तबलीगी जमात को बदनाम करने की कोशिश की वो लगातार दिखाई दे रही है‌।