VIDEO: मुस्लिम कोरोना मरीजों की ह#त्या कर देनी चाहिए, कानपुर महिला डॉक्टर को बेनकाब करता वीडियो लीक

दुनिया भर में कोरोना संक’ट छाया हुआ है. कोरोना महा’मा’री से दुनिया के लगभग सभी देश परेशान है. पिछले काफी समय से छाए कोरोना के बादल अब भी छां’टने का नाम नहीं ले रहे है. भारत में भी कोरोना संक’ट दिन प्रति दिन गहरा’ता जा रहा है. देश भर में तेजी से बढ़ रहे कोरोना के मामलों को लेकर सभी डर और चिं’ता की स्थि’ति में हैं. एक तरफ देश भर में यह महा’मा’री अपनी जड़े मजबूत कर रही है.

वहीँ देश में कुछ लोग इस संक’ट को भी धर्म और जाति के चश्मे से देखने में लगे हैं. ऐसा ही एक मामला उत्तर प्रदेश से सामने आया है. जिसमें एक धर्म विशेष के कोरोना मरीजों को आ#तंक’वादी बताया जा रहा है, इतना ही नहीं उनके लिए अपश’ब्दों का उपयोग भी किया जा रहा है.

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा यह वीडियो कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज प्राचार्या डॉ. आरती लालचंदानी का है. वीडियो में डॉ आरती जमातियों को खुले तौर पर आ#तं’कवा’दी करार दे रही है. इस दौरान वह नेताओं को भी आड़े हाथ लेते हुए कहती है कि राजनीतिक तु’ष्टि के तहत ही जमातियों को भर्ती कराया जा रहा है.

इतना ही नहीं वीडियो में डॉ आरती सुझाव देते हुए भी नजर आ रही है. वह कह रही है कि कोरोना महा’मा’री से सं’क्रमि’त जमातियों को जेल में बंद कर देना चाहिए. इस दौरान प्राचार्या आरती द्वारा जमातियों के खिलाफ अ’भ’द्र टिप्पणी करने के आरोप भी लगाए जा रहे है.

प्राचार्या आरती वीडियो में कथित तौर पर असं’वैधा’निक और आ’प’त्ति’जन’क शब्दों का इस्तेमाल करते हुए अ’ल्पसंख्य’क समुदाय पर तीखे ह’मले करती है. वहीं इस मामले को लेकर डॉ आरती ने सफाई दी है.

आरती ने अपने बयानों से पलटी मा’री ली है. उनका दावा है कि उन्हें फं’सा’ने के लिए वीडियो में छेड़छाड़ की गई है, उनका कहना है कि उन्होंने ऐसा कुछ नहीं कहा. वहीं वीडियो वायरल होने के बाद डॉ आरती लालचंदानी पर कार्रवाई करने की मांग की जा रही हैं.