कोविड-19: मुस्लिम समाज का उपकार देश कभी नही भूल सकता, महाराष्ट्र CM उद्धव ठाकरे

मुंबई/महारष्ट्र: देशभर में कोरोना की वजह से एक अफरा-तफरी जैसा माहौल छाया हुआ है, जिसे देखो वही ऑक्सीजन सिलेंडर या जीवन रक्षक द’वाओं के लिए गुहार लगाता हुआ दिख रहा है. लोग होस्पितालों और पूरा सोशल मीडिया से लेकर, माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर तक मदद की गुहार लगा रहे हैं, कोई अपनों के लिए तो कोई दूसरों के लिए.

जहां, इस एक दौर के चलते कई लोगों के खाने कमाने का ज़रिया चिन गया है वहीँ दूसरी तरफ कुछ ऐसे लोग भी मिल रहे हैं जो लोगों की मज़बूरी का फायदा उठाते हुए दिख रहे हैं. लेकिन ऐसे बहुत से समाजसेवी लोगों की भी कम तादाद नहीं है जो दूसरे लोगों के लिए अपना घर का काम धंधा छोड़कर देश के दूसरे लोगों की मदद में मशरूफ हैं, ऐसे में इनका काम वाकई काबिले तारीफ है.

Muslim Samaj KA Upkar ye desh

महाराष्ट्र में भी अधिक संख्या में कोरोना के चलते हालात ख़राब हैं, लेकिन यहाँ भी मदद करने वालों की कमी नहीं है. मुस्लिम समाज के इस अमित योगदान को देखते हुए, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने मुस्लिम समाज को धन्यवाद देते हुए कहा है कि.

कोरोनाकाल की इस घड़ी में, मुस्लिम समाज ने जो उपकार देश पर किया है वह कभी नहीं भुलाया जा सकता- महाराष्ट्र मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा है कि, जिस तरह से मुस्लिम समाज के युवा दूसरे लोगों की निस्वार्थ भावना से सेवा कर रहे हैं वो यह देश कभी नहीं भूल सकता.

सोशल मीडिया के ज़रिये ऐसे बहुत सी ख़बरें आपको देखने को मिल रही होंगी, कि किस तरह से यह लोग ज़रुरत के वक़्त मदद में मुब्तला हैं, चाहे वह प्लाज्मा डोनेट करने का काम हो या र’क्तदा’न हो या फिर किसी के लिए ऑक्सीजन का सिलेंडर उपलभ्ध करवाना हो.

मुंबई के नौजवान, शाहनवाज शेख सिर्फ एक फोन कॉल पर कोरोना के मरीजों के लिए ऑक्सीजन पहुंचाने का काम कर रहे हैं, आपको बता दें कि इन्होने पैसे के अभाव में, ज़रुरत मंद लोगों को मदद पहुँचाने के लिए उन्होंने अपनी एसयूवी कार 22 लाख रुपये में बेच दी है. मुंबई के लोग शाहनवाज़ शैख़ को मुंबई का ‘ऑक्सीजन मैन’ कहकर संबोधित करते हैं.

एक जानकारी के मुताबिक, बताया जा रहा है कि वडोदरा की जहांगीरपुरा मस्जिद को यहाँ के मुस्लिम समुदाय के लोगों ने एक कोविड सेंटर के रूप में तब्दील कर दिया है. खबर है कि इस मस्जिद में तकरीबन 50 बेड ऑक्सीजन की सुविधा के साथ उपलब्ध हैं.

इसके अलावा, स्वामीनारायण मंदिर और जहांगीरपुरा मस्जिद समेत दारुल उलूम को भी कोरोना सेंटर बना दिया गया है, जहाँ 120 बेड का इंतजाम किया गया है.

सोशल मीडिया के जरिए भी काफी पोजिटिव ख़बरें देखने को मिल रही हैं. हमें अपने देश के सभी नागरिकों की वक़्त ज़रुरत से समय मदद के लिए तैयार रहना चाहिए, तो आइये आप भी इस बात का संकल्प लें, कि जितना हो सकेगा आप भी दूसरे लोगों की मदद करेंगे.

दिल्ली (नोएडा) के रहने वाले ज़ुबैर शैख़, पिछले 10 वर्षों से भारतीय राजनीती पर स्वतंत्र पत्रकार और लेखक के तौर पर कई न्यूज़ पोर्टल और दैनिक अख़बारों के लिए कार्य करते हैं।