नंदीग्राम सीट पर पलट सकती है बाज़ी, TMC ने दोबारा काउंटिंग की मांग की

दिनभर चुनावी रुझान में शुभेंदु अधिकारी अपनी प्रतिद्वंद्वी ममता से बढ़त बनाए रखी. लेकिन उसके बाद मार्जिन कम होता चला गया और उसके बाद ममता ने मामूली बढ़त बनाई. उसके बाद आगे और पीछे का ये सिलसिला चलता रहा. लेकिन, अभी तक इस सीट पर सस्पेंस बना हुआ है.

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में इस बार सबसे हॉट थी नंदीग्राम. उसकी वजह मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का कभी अपने करीबी रहे बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ चुनाव का ऐलान करना. इस सीट पर बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी ने जीत का दावा किया और यहां की जनता को धन्यवाद दिया.

ममता चुनाव आयोग के ख़िलाफ़ जा सकती हैं कोर्ट

Mamta banarji

यहां पर फिलहाल पेंच फंसता हुआ दिख रहा है. उसकी वजह है टीएमसी की तरफ से फिर से मतगणना की मांग.

नंदीग्राम सीट पर सस्पेंस

दिनभर चुनावी रुझान में शुभेंदु अधिकारी अपनी प्रतिद्वंद्वी ममता से बढ़त बनाए रखी. लेकिन उसके बाद मार्जिन कम होता चला गया और उसके बाद ममता ने मामूली बढ़त बनाई.

उसके बाद आगे और पीछे का ये सिलसिला चलता रहा. लेकिन, अभी तक इस सीट पर सस्पेंस बना हुआ है. टीएमसी ने चुनाव आयोग से दोबारा काउंटिग की मांग की है. अगर उसकी मांगें नहीं मानी जाती है तो वह कोर्ट में जा सकती है.

शुभेंदु अधिकारी ने क्षेत्र की जनता का किया शुक्रिया

इस बीच शुभेंदु अधिकारी ने ट्वीट कर क्षेत्र की जनता का शुक्रिया किया है. उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा- “नंदीग्राम की जनता का उनके प्यार, भरोसे, आशीर्वाद और विश्वास और मुझे अपने प्रतिनिधि और नंदीग्राम से विधायक चुने के लिए धन्यवाद करता हूं. यह मेरा उनकी सेवा कभी खत्म ना होने वाली प्रतिबद्धता है और उनके कल्याण के लिए काम कर रहा हूं. मैं वास्तव में उनका आभारी हुं.”

गौरतलब है कि नंदीग्राम शुभेंदु अधिकारी का गढ़ माना जाता है. लेकिन ममता बनर्जी ने बीजेपी प्रत्याशी शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ चुनाव लड़ने और अपने परंपरागत सीट भवानीपुर से सीट ना लड़ने का ऐलान कर राजनीतिक पंडितों को चौंका कर रख दिया था. ऐसे में पूरे देश की नजर इस सीट पर लगी हुई थी.

दिल्ली (नोएडा) के रहने वाले ज़ुबैर शैख़, पिछले 10 वर्षों से भारतीय राजनीती पर स्वतंत्र पत्रकार और लेखक के तौर पर कई न्यूज़ पोर्टल और दैनिक अख़बारों के लिए कार्य करते हैं।