क्या अब NDTV भी हो गया ‘गोदी मीडिया’?, इस एक खबर से उठ गया लोगों का भरोसा

कांग्रेस पार्टी में नेतृत्व में बदलाव को लेकर मचे घमासान के बीच कांग्रेस वोर्किंग कमेटी की बैठक वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए हुई. लेकिन इसी दौरान एक ऐसा बवाल खड़ा हुआ जिसकी उम्मीद भी नहीं होगी. इस घमासान ने कांग्रेस के अन्दर चल रहे मतभेदों को खुलकर सामने आ दिया. इसी बीच खबर मिली कि पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने 23 वरिष्ठ कांग्रेसियों पर ह’मला बोलते हुए उन्हें बीजेपी से मिला हुआ बताया हैं.

राहुल का यह बयान इन 23 नेताओं द्वारा नेतृत्व में परिवर्तन की मांग करते हुए सोनिया गांधी को लिखी गई चिट्ठी की टाइमिंग को लेकर सामने आया था.राहुल गांधी ने चिट्ठी लिखने की टाइमिंग पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिन नेताओं ने सोनिया को यह खत लिखा हैं वो सब असल में बीजेपी के साथ मिले हुए हैं.

इस बयान के सामने आने के बाद बड़ा बवाल खड़ा हो गया और पार्टी में खुल के विरोधी सुर सुनाई देने लगे. राहुल के इस बयान से भड़के कई वरिष्ठ नेताओं ने अपनी नाराजगी सार्वजनिक तौर पर जाहिर की.

इसी कड़ी में कपिल सिब्बल ने राहुल पर तंज कसा और अपने ट्वीटर बायो से कांग्रेस तक ह’टा किया, वहीं गुलाम नबी आजाद ने तो इस्तीफे की पेशकश तक कर दी. इस दौरान सभी मीडिया चैनलों में देश की सबसे पुरानी पार्टी में मचे घमासान को प्रमुखता से दिखाया और इस पर लगातार बहस चलती रही.

लेकिन इसी बीच फूँक-फूक कर कदम रखने के लिए पहचाने जाने वाला एनडीटीवी इस मामले को लेकर स्लिप हो गया और कांग्रेसी नेताओं और अन्य सोशल मीडिया यूजर के निशाने पर आ गया. स्वयं को निष्पक्ष बताने वाले रविश कुमार बीजेपी को अप्रत्यक्ष रूप से समर्थन देने वाले मीडिया को गोदी मीडिया शब्द से बुलाते हैं.

लेकिन अब एनडीटीवी पर ही गोदी मीडिया का ठप्पा लग गया हैं. दरअसल एनडीटीवी ने एक ट्वीट करके सूत्रों के हवाले से दावा किया कि राहुल ने पत्र लिखने वाले नेताओं पर बीजेपी के साथ मिलीभगत का आरोप लगाया हैं.

एनडीटीवी अपने इसी ट्वीट को लेकर कांग्रेस समेत कई ट्वीटर यूजर के निशाने पर आ गया. लोग उन्हें फेक न्यूज़ का सोर्स और गोदी मीडिया बताने लगे.

कई यूजर ने कहा कि एनडीटीवी फेक न्यूज़ चैनल के गिरोह में शामिल हो गया हैं. एक कांग्रसी कार्यकर्ता ने तो एनडीटीवी को कानूनी नोटिस भेजने की बात तक कह डाली.

इसी दौरान एक पत्रकार ने लिखा कि जो अब तक एनडीटीवी के साथ गोदी मीडिया-गोदी मीडिया खेलते थे. वो एक दिन भी गाँधी-भक्ति के खिलाफ बर्दाश्त नहीं कर पाए, जो सुबह-शाम भक्त की माला जपते हैं वो दूसरों को संबोधित करते हैं.