एनडीटीवी के बारे में वो जो आज तक लोगों को नहीं पता | NDTV Biography In Hindi

एनडीटीवी इंडिया (NDTV India) हिंदी न्यूज़ चैनल के बारे में कुछ रोचक तथ्य और जानकारियां जिनके बारे में लोग अभी तक नही जानते.

दोस्तों इस पोस्ट में हम आपको एनडीटीवी इंडिया (NDTV India) हिंदी चैनल के बारे में कुछ रोचक जानकारियां बताने जा रहे हैं, आप इसको एक तरह से एनडीटीवी का जीवन परिचय भी मान सकते हैं. तो चलिए आज जान लेते हैं एनडीटीवी के बारे में सब कुछ.

हमारे देश की मीडिया में, समाचार चैनलों की दुनिया में एनडीटीवी (NDTV) चैनल का एक बड़ा नाम है, एनडीटीवी भारतीय मीडिया का एक हिंदी समाचार चैनल है. यह बात शायद बहुत कम लोगों को ही पता है कि एनडीटीवी चैनल का पूरा नाम नई दिल्ली टेलीविजन (Nai Dilli Teli Vision) है।

NDTV India channel in Hindi

इस हिंदी समाचार (Hindi Samachar) चैनल एनडीटीवी का मुख्यालय नई दिल्ली में है. NDTV खबरों की दुनिया में एक अलग पहचान रखने वाला, हिंदी समाचार चैनलों की दुनिया में काफी लोकप्रिय चैनल है. एनडीटीवी को खास तौर पर अपनी ग्राउंड रिपोर्टिंग के लिए जाना जाता है।

कब शुरू हुआ NDTV सफर?

भारतीय मीडिया चैनलों में अपने एक अलग पहचान बना चुका NDTV चैनल का सफर शुरू होता है साल 2003 से, हालांकि NDTV की स्थापना 1988 में ही इसके चैयरमैन प्रणव रॉय और उनकी पत्नी राधिका रॉय द्वारा हो चुकी थी.

सबसे पहले एनडीटीवी ने दूरदर्शन के लिए समाचार ‘द वर्ल्ड दिस वीक’ को प्रदर्शित किया जो कि दर्शकों के बीच खासा लोकप्रिय हुआ.

धीरे-धीरे ये कार्यक्रम लोगों के बीच इतना अधिक लोकप्रिय हुआ कि एनडीटीवी का नाम लोगों के बीच एक विश्वसनीय समाचार चैनल (Trusted India News Chanal) के रूप में उभरकर सामने आया.

इसके बाद एनडीटीवी का सफर 24 घंटे समाचार प्रदाता के रूप में सामने आया और यह स्टार न्यूज़ के लिए सामग्री प्रदान करने लगा.

फिर इसके बाद एनडीटीवी का यह सफर 2003 में जाकर 24 घंटे 7 दिन समाचार प्रदाता के रूप में सामने आया तथा यह हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में समाचार प्रदान करने लगा.

एनडीटीवी चैनल का मुफ़्त प्रसारण DD न्यूज़ पर Channel No. 45 पर 2019 में किया गया था, वर्तमान में NDTV India Channal टाटा स्काई पर 505 नंबर पर दिखाया जाता है.

एनडीटीवी को सरकार का आलोचक भी कहा जाता है

देश-विदेश में एनडीटीवी इंडिया को निष्पक्ष रूप से सरकार से सवाल करने या ये कहना भी गलत नहीं होगा कि सरकार की आलोचना करने के लिए जाना जाता है.

देखा जाए तो रवीश कुमार द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले एक लोकप्रिय कार्यक्रम ‘प्राइम टाइम शो’ के ज़रिये यहाँ आम जनता और सार्वजनिक मुद्दों और जन कल्याण के हित में सरकार से सवाल पूछे जाते हैं.

prime time ndtv india

2 नवंबर 2016 को, भारत सरकार के मंत्रालय द्वारा गठित की गयी एक समिति ने 9 नवंबर 2016 को एनडीटीवी चैनल को देशभर में एक दिन के लिए ब्लैकआउट करने का आदेश दिया था.

इस चैनल को जितनी ख्याति प्राप्त है उसके ठीक उलट इसके आलोचक भी कम नहीं हैं, ख़ास तौर पर रवीश कुमार द्वारा आयोजित किये जाने वाले कार्यक्रम ‘प्राइम टाइम’ पर प्रधानमंत्री मोदी की निगेटिव ख़बरें दिखाए जाने पर इस चैनल की भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा जमकर आलोचना की जाती है.

इतना ही नहीं इस कार्यक्रम को होस्ट करने वाले रवीश कुमार (Ravish Kumar) पर सोशल मीडिया में ढेरों मीम्स भी बनते हैं. यहाँ तक की बीते कुछ समय में रवीश कुमार को कुछ लोगों द्वारा लगातार धम’की दी गयी और उन्हें फोन करके परेशान भी किया गया.

NDTV से जुड़े कुछ बड़े नाम

भारतीय मीडिया में एक अलग पहचान रखने वाले NDTV के साथ देश के जाने-माने बड़े पत्रकारों का नाम जुड़ा हुआ है।बड़े पत्रकारों की लिस्ट में शुमार हैं रवीश कुमार (Ravish Kumar), शरीफ खान, तरुण, कादंबिनी शर्मा जैसे बड़े नाम आते हैं.

वही इसके अलावा अक्सर चर्चा में रहने वाले रिपब्लिक भारत (Republic Bharat) के editor-in-chief अर्णब गोस्वामी (Arnab Goswami) भी एनडीटीवी इंग्लिश चैनल में बतौर एंकर रह चुके हैं।

आपको यह भी बता दें कि एनडीटीवी से जुड़े पत्रकार रवीश कुमार को पत्रकारिता के लिए रेमन मैग्सेसे पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है।

बता दें कि एनडीटीवी इंडिया को सन 2018 में चैनल ऑफ द ईयर के अवार्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है। सन 2016 में इस NDTV india ने दो अलग समाचार चैनल लांच करने का निर्णय किया जिनमें से एक NDTV india और दूसरा NDTV Spice (UK) के नाम से जाना जाता है।