VIDEO: SBI के अधिकारियों पर भड़की निर्मला सीतारमण, ऑडियो वायरल हुआ, तो मचा बवाल

VIDEO: SBI के अधिकारियों पर भड़की निर्मला सीतारमण, ऑडियो वायरल हुआ, तो मचा बवाल

नई दिल्ली: देश के सबसे बड़े बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) और उसके शीर्ष अधिकारियों के खिलाफ गुस्सा जाहिर करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का एक ऑडियो वायरल हो रहा है. जिसमें वो कथित रूप से स्टेट बैंक के चेयरमैन को फटकार लगाते हुए सुनाई पड़ रही हैं. ऑडियो में वित्त मंत्री एसबीआई को हार्टलेस और इन एफिशिएंट यानी कि अयोग्य कहते हुए सुनाई पड़ती हैं।

द वायर की रिपोर्ट के अनुसार यह मामला उस समय का है जब वित्त मंत्री फरवरी में एसबीआई के फाइनेंशियल आउटरीज प्रोग्राम में शिरकत करने गुवाहाटी पहुंची थीं. और एसबीआई के अधिकारियों के खिलाफ सीतारमण ने यह टिप्पणी इसलिए कि क्योंकि असम में चाय बागान कामगारों के करीब 2.5 लाख बैंक खाते चालू नहीं थे।

इस कार्यक्रम में एसबीआई के चेयरमैन रजनीश कुमार और दूसरे बैंकों के चीफ भी मौजूद थे. ये ऑडियो उसी कार्यक्रम के दौरान का है. क्लिप में निर्मला सीतारमण गुवाहाटी के चाय बागान के कामगारों को कर्ज मिलने में हो रही दिक्कतों की वजह से बैंक से नाराज हो पड़ी।

वायरल ऑडियो में वित्त मंत्री कहती हैं, आगे पूछती हैं कि कैसे जल्दी से जल्दी खातों को फंक्शनल बनाया जा सकता है. एसबीआई के अधिकारी ये कहते हुए सुनाई पड़ते हैं कि बैंक को इन खातों को फंक्शनल बनाने के लिए आरबीआई से कुछ मंजूरी लेनी पड़ेगी और इसमें एक सप्ताह का टाइम लगेगा। जिसके बाद वित्त मंत्री ये कहते हुए सुनाई पड़ती हैं।

 

मुझे गुमराह मत करो. एसबीआई के अध्यक्ष आप मुझसे इस मामले पर दिल्ली में मिलेंगे और मैं इसे नहीं जाने दे रही हूं. ये पूरी तरह से कामचोरी है. मैं इस इनएफिशिएंसी के लिए पूरी तरह से आपको ज़िम्मेदार ठहराती हूं और मैं आपके साथ इसपर डिटेल में बातचीत करूंगी. आप खातों को चालू करिए और चाय बागानों के किसी भी कामगारों को आपकी वजह से नुकसान नहीं होना चाहिए.

वही सोशल मीडिया पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का ऑडियो वायरल होने के बाद ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कनफेडरेशन यानी (AIBOC) का बयान आया है.वित्त मंत्री ने एसबीआई के चेयरमैन रजनीश कुमार की तीखी आलोचना की. उनपर आरोप लगाया कि वह ऋण देने में, विशेष रूप से असम के चाय बगान कामगारों को ऋण देने में असफल रहे।

उन्होंने एसबीआई को ‘हार्टलेस बैंक’ बताया और देश के सबसे बड़े बैंक के प्रमुख का अपमान किया. हमारा विचार है कि जनप्रतिनिधियों को सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के शीर्ष अधिकारियों के साथ ऐसा व्यवहार नहीं करना चाहिए।

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