बिहार चुनाव: नीतीश कुमार का मुख्यमंत्री की कुर्सी से मोह भंग?, मनाने पहुँचे बीजेपी के बड़े नेता

बिहार चुनाव के बाद क्या 'नीतीश कुमार' कोई बड़ा सियासी दाँव खेलने जा रहे हैं?

पटना: बिहार विधानसभा चुनाव में बेहतरीन प्रदर्शन के बाद जहां नीतीश कुमार की अगुआई में एनडीए गठबंधन सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है. जिसके साथ ही पटना से लेकर दिल्ली तक भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में जश्न का माहौल है, वही बिहार विधानसभा चुनाव में लोक जनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष चिराग पासवान सिर्फ एक ही सीट जीत पाए हो लेकिन उन्होंने अपने ‘लक्ष्य’ के अनुसार जदयू को नुकसान पहुंचाया है।

हलाकि चुनाव से पहले राज्य में खुद को बड़े भाई के तौर पर प्रचारित कर रही जदयू में नतीजों को लेकर खासी नाराजगी है. दरअसल, 2005 में राज्य की सत्ता में आने के बाद से जदयू का 15 साल बाद इस बार के विधानसभा चुनाव में सबसे खराब प्रदर्शन रहा है, हलाकि बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए को 125 सीटों के साथ पूर्ण बहुमत हासिल हुआ है, लेकिन अब नीतीश के फिर से मुख्यमंत्री बनने को लेकर वही सवाल खड़ा हो रहा है जिसे चर्चा चुनाव के दौरान हो रही है थी।’

JDU Nitish Kumar
image: The Print India

जनसत्ता की खबर के अनुसार, अंग्रेजी अखबार द इंडियन एक्सप्रेस से बीजेपी के एक बड़े नेता अपना नाम गुप्त रखने की शर्त पर अखबार को बताया है की कि नीतीश कुमार अपनी पार्टी जेडीयू के निराशाजनक प्रदर्शन से हैरान हैं और वो अब सीएम की कुर्सी फिर से संभालना नहीं चाहते, हालांकि, भाजपा ने उन्हें फिर से मुख्यमंत्री के तौर पर ही काम जारी रखने को कहा है।’

आपको बता दें कि भाजपा ने चुनाव से पहले ही कहा था कि जदयू की सीटों का आंकड़ा चाहे कुछ भी हो, एनडीए की ओर से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ही होंगे। वही चुनाव नतीजे आने के बाद सुशील मोदी से लेकर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष तक ने नीतीश के ही सीएम रहने की बात कर रहे है।’

वही सूत्रों के अनुसार, चिराग पासवान की एलजेपी ने जेडीयू के कम-से-कम 25 से 30 कैंडिडेट की जीत की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। हमने उनसे कहा कि वो सीएम बने रहें, भले ही बीजेपी गठबंधन की बड़ी पार्टनर के तौर पर उभरी है।’

सूत्रों के अनुसार भाजपा नेता ने यह भी बताया है. कि चिराग पासवान और लोक जनशक्ति पार्टी की वजह से जदयू को जो नुकसान पहुंचा, उससे नीतीश काफी नाराज है. एक वरिष्ठ भाजपा नेता ने बताया- नीतीश कुमार इस बात से काफी परेशान थे कि चिराग ने उनकी 25 से 30 सीटों पर जदयू के मौकों को खराब कर दिया। एनडीए में अब भाजपा के बड़ी पार्टी होने के बावजूद हमने उन्हें सीएम रहने के लिए मनाया है।’

गौरतलब है की, भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने नीतीश को मुख्यमंत्री रहने के लिए मना लिया और बिहार में पहले की तरह स्वतंत्र होकर सरकार चलाने का आश्वासन दिया है।’