दिल्ली में सियासी पारा गर्म, अब कांग्रेस ने शाहीन बाग को लेकर अरविंद केजरीवाल को दी चुनौती

नई दिल्लीः मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आज के चुनाव प्रचार की शुरूआत किराड़ी विधानसभा क्षेत्र से की। किराड़ी में केजरीवाल ने रोड शो कर लोगों से वोट की अपील की। इस दौरान सड़कों पर भारी भीड़ देखने को मिली। वही केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने भी दिल्ली के करावल नगर विधानसभा क्षेत्र में घर-घर जाकर प्रचार कर लोगों से वोट की अपील कर रहे है। तो वहीं धर्मेंद्र प्रधान भी मालवीय नगर में प्रचार करने पहुंचे हैं।

वही आम आदमी पार्टी AAP और बीजेपी इन दोनों दिग्जग पार्टियों के बीच कांग्रेस भी विधानसभा चुनाव के लिए आज अपना चुनावी घोषणा पत्र जारी करेगी। माना जा रहा है कि इसमें दिल्ली के विकास के मुद्दे सहित कई और महत्वपूर्ण बिंदुओं को शामिल किया जाएगा। घोषणा पत्र जारी करने से पहले कांग्रेस में मुख्यमंत्री केजरीवाल पर हमला बोला है।

आम आदमी पार्टी भाजपा की बी टीम हैं: कांग्रेस

कांग्रेस के दिल्ली प्रभारी पीसी चाको ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से सीएए और एनआरसी पर अपना रुख स्पष्ट करने को कहा है।

साथ ही उन पर नरम हिंदुत्व की राजनीति करने का भी आरोप लगाते हुए रविवार को कहा कि जो धर्मनिरपेक्ष है उसे शाहीन बाग जाना चाहिए।

चाको ने कहा विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के निर्णायक के रूप में उभरने की उम्मीद जताते हुए यह भी कहा कि पूरे देश में कांग्रेस भाजपा विरोधी दलों के साथ गठबंधन करती है।

लेकिन अभी वह केजरीवाल को लेकर आश्वस्त नहीं हैं कि आम आदमी पार्टी के मुखिया भाजपा के विरोध में हैं।

चाको ने कहा, संशोधित नागरिकता कानून (CAA) और राष्ट्रीय नागरिक पंजीकरण (NRC) पर पूरे देश में विपक्षी पार्टियां बयान जारी कर रही हैं और विधानसभाओं में प्रस्ताव पारित हो रहे हैं।

लेकिन केजरीवाल इसपर नहीं बोल रहे इसीलिए हम कहते हैं कि वह भाजपा की बी टीम हैं।

उन्होंने कहा, शाहीन बाग में प्रदर्शन हो रहा है, जामिया में लड़कियों पर ला’ठी चार्ज हुआ, गो’लीबा’री हुई, लेकिन केजरीवाल वहाँ नहीं गए.

हमारे कई वरिष्ठ नेता गए प्रियंका जी विरोध प्रदर्शन के दैरान मा’रे गए कई लोगों के परिवारों से मिलने भी गईं।

इस दौरान पत्रकारों द्वारा यह पूछे जाने पर कि क्या वह केजरीवाल को शाहीन बाग जाने की चुनौती देते हैं तो कांग्रेस नेता ने कहा, जो धर्मनिरपेक्ष है, उसे शाहीन बाग जाना ही चाहिए.

अल्पसंख्यकों की सुरक्षा की जिम्मेदारी धर्मनिरक्ष लोगों की है। लेकिन केजरीवाल नरम हिंदुत्व की राजनीति कर रहे हैं।

आपको बता दें दिल्ली विधानसभा चुनाव की सभी 70 सीटों पर आठ फरवरी को चुनाव होगा और मतों की गणना 11 फरवरी को की जाएगी।

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