किसान का फौजी बेटा बोला- मेरे पिता आतं’कवादी तो मैं भी आतं’कवादी

अब किसान आंदोलन को भारतीय सेना का समर्थन, किसान के फौजी बेटे की फोटो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है.

पिछले कुछ दिनों से नए कृषि कानूनों के विरोध में धरना दे रहे किसानों के कारण माहौल काफी गरमाया आया हुआ है। इसकी आड़ में कई देश विरोधी शक्तियां सक्रिय हो गई हैं और अपनी सियासत भी चमकने लगी है। किसानों द्वारा किया जा रहा विरोध प्रदर्शन का आज 20वें दिन भी जारी है, कृषि कानून के विरोध में बीते दिन सोमवार को सभी किसान भूख हड़ताल पर डटे रहे।

इसी बीच सत्तारूढ़ पार्टी के एक तबके व ‘गोदी मीडिया’ द्वारा किसानों को कभी आ#तंकवा’दी-खालिस्ता’नी तो कभी चीन-पाकिस्तान से जोड़कर बदनाम किया जा रहा है। इस वजह से किसानों के समर्थन में खड़े लोग और बाकी जनता इससे काफी नाराज़ है। अब इसके खिलाफ फ़ौजियों ने भी मोर्चा खोल दिया है, इस बीच एक फोटो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है।

Farmers son

इस तस्वीर में एक सिख युवक फौजी वर्दी में है, और हाथों में तख्ती लिए खड़ा है जिसमें लिखा है- ‘मेरे पिता किसान हैं, अगर वो आ#तंकवा’दी हैं तो मैं भी आतंकवा’#दी हूँ।’ इस तस्वीर को पत्रकार विनोद कापड़ी ने भी अपने ट्विटर अकाउंट पर साझा किया है।

इस तस्वीर को साझा करते हुए उन्होंने लिखा कि- “फ़ौजी वर्दी में ये सिख युवक (संभवत: सैनिक) एक नोट ले कर खड़ा है, जिस पर लिखा है- ‘मेरे पिता किसान हैं। अगर वो आ#तंकवा’दी हैं तो मैं भी आ तंकवा’दी हूँ।

उन्होंने इस तस्वीर पर दुख व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इसका ज़िम्मेदार ठहराया। उन्होंने लिखा, “ये सब देखना दुखद है। इस देश के पूरे ताने बाने को पिछले 73 साल में मोदी से ज़्यादा किसी ने इतना तबाह नहीं किया। इससे पहले दिल्ली के मुख्यमंत्री एवं आम आदमी पार्टी के प्रमुख ‘अरविंद केजरीवाल’ ने भी किसानों को आ तंकवा’दी कहे जाने पर आपत्ति व्यक्त की थी।

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि- ‘किसानों को बदनाम करने के लिए कहा जाता है कि किसान आ#तंकवा’दी हैं, देशद्रोही हैं, किसान टुकड़े-टुकड़े गैं’ग और चीन-पाकिस्तान के एजेंट हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि- ‘इन्हीं किसानों के भाई बैठे हैं जो देश की सीमा पर बैठकर देश की रक्षा में डटे हुए हैं। अब यह तस्वीर सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है कोसके बाद लोग तरह तरह की प्रतिक्रिया दे रहे हैं।