पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अमेरिकियों को किया आगाह, कहा- अगर ट्रंप जीते तो आंसू बहाने पर…

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अपने देशवासियों को चेतावनी दी हैं. उन्होंने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की जीत को देश के लिए अनफिट बताया हैं. ओबामा ने कहा कि देश का लोकतंत्र दांव पर लगा हुआ है क्योंकि मौजूदा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप राष्ट्रपति पद के लिए साफ तौर पर अनफीट हैं. ओबामा ने यह सख्त टिप्पणी डेमोक्रेटिक नेशनल कन्वेंशन (डीएनसी) के दौरान दी.

इस कन्वेंशन में वह फिलाडेल्फिया में म्यूजियम ऑफ अमेरिकंस रिवॉल्यूशन से वर्चुअल तौर पर शामिल हुए थे. इस दौरान ओबामा ने पूर्व उप-राष्ट्रपति जो बाइडन को इस बार के डेमोक्रेटिक पार्टी के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के रूप में स्वीकार करने का आग्रह भी मतदाताओं से किया.

उन्होंने कहा कि मैं आपसे आपकी क्षमता पर विश्वास करने के लिए कह रहा हूं, जो कि एक नागरिक के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभाने की हैं और यह निश्चित करने की है कि हमारे लोकतंत्र के मूल सिद्धांत गे भी जारी रहें क्योंकि अभी राष्ट्रपति ट्रंप ने जो दांव पर लगाया हैं वो हमारा लोकतंत्र है.

द हिल न्यूज़ वेबसाइट के मुताबिक पूर्व राष्ट्रपति ने कहा कि अगर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दुबारा जीत जाते हैं तो यह हमारे लोकतंत्र को आंसू बहाने पर मजबूर कर देंगे और इस प्रशासन ने ऐसा करके दिखाया है.

पूर्व राष्ट्रपति ओबामा ने अपने संबोधन के दौरान ट्रंप पर उनके चरित्र, प्रदर्शनकारियों के साथ किए गए व्यवहार, विदेशी नीति, मीडिया पर हम’लों और नौकरी के प्रति प्रतिबद्धता की कमी को लेकर भी निशाना साधा.

ओबामा ने आगे कहा कि मुझे लगा था कि डोनाल्ड ट्रंप गंभीर होकर काम कर सकते हैं वो काम के प्रति कुछ दिलचस्पी दिखा सकते हैं, वह कार्यालय की जिम्मेदारी को महसूस कर सकते हैं लेकिन उन्होंने मुझे गलत साबित किया. उन्होंने अपने काम में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई.

पूर्व राष्ट्रपति ने कहा कि किसी की मदद करने के लिए अपने कार्यालय की अद्भुत शक्तियों का इस्तेमाल करने में उन्होंने कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई.

उन्होंने अपने संबोधन में डेमोक्रेट राष्ट्रपति उम्मीदवार जो बाइडन को अपना भाई बताते हुए उनके प्रति जो स्नेह जताया वो भी काफी उल्लेखनीय रहा. आपको बता दे कि इससे पहले ओबामा की पत्नी मिशेल ने भी अपने भाषण के लिए कहा था कि ट्रंप हमारे देश के लिए गलत राष्ट्रपति साबित हुए हैं.

साभार- नवभारत