देश की अर्थव्यवस्था में एक बार फिर बड़ी गिरावट, दूसरी तिमाही के आंकड़े बहुत बेकार आये हैं

कोरोना की वजह से देश की जीडीपी में एक बार फिर बड़ी गिरावट देखने को मिली है, अभी और आगे का भी कुछ पता नहीं कब तक हालात सामान्य हो सकेंगे

दिल्ली: भारत की जीडीपी (GDP) यानी सकल घरेलू उत्पाद (Gross Domestic Product) पर एक बार फिर से संकट के बादल मंडराने लगे है। पहली तिमाही में भी भारत की जीडीपी में 23 पॉइंट 9% की गिरावट आई थी, परंतु ताजा आंकड़ों के अनुसार इसकी हालत मैं कोई सुधार होता नहीं दिखाई दे रहा है।

भारत की जीडीपी (GDP) हाल के ताजा आंकड़ों के अनुसार चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही (जुलाई से सितंबर) के सकल घरेलू मैं 7 पॉइंट 5% की गिरावट दर्ज हुई है। हालाकी विश्लेषकों ने आठ से 12% तक की गिरावट का अनुमान जताया था परंतु यह गिरावट विश्लेषकों के अनुमान से काफी कम है।

भारत की जीडीपी (GDP) कितनी है?

भारत की जीडीपी (GDP) गिरने का मुख्य कारण क्या है

सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के गिरावट का मूल कारण विशेषज्ञ लॉकडाउन को मानते हैं क्योंकि पहली तिमाही में 2 महीने देश में पूरी तरह लॉकडाउन था तथा मई के बाद धीरे-धीरे गतिविधियां शुरू हुई, परंतु दूसरी तिमाही में अर्थव्यवस्था पूरी तरह खुली हुई है।

ऐसे में विशेषज्ञों का मानना था कि दूसरी तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद में गिरावट कम रह सकती है रेटिंग एजेंसियों के मुताबिक जीडीपी 10-11% गिरने का अनुमान था.

भारत की जीडीपी (GDP) गिरने का मुख्य कारण क्या है

वहीं भारतीय रिजर्व बैंक आरबीआई का अनुमान था कि देश की जीडीपी में गिरावट 8.6% तक रह सकती है वहीं इक्रा ने 9.5% और मूडीज ने 10.6% तक कि गिरावट का अनुमान जताया था।

दूसरी तिमाही में थी सुधार की उम्मीद

भारत की जीडीपी (GDP) में दूसरी तिमाही में सुधार की उम्मीद जताई थी क्योंकि दूसरी तिमाही में देश से लॉक डाउन खत्म होने के बाद आवाजाही शुरू हो गई थी तथा सभी सेक्टर भी खुले हुए थे।

भारत की जीडीपी

हाला की दूसरी तिमाही में कंपनियों की अर्निंगअच्छी रही तथा बिजली, डीजल, जीएसटी जैसे कलेक्शन मोर्चों पर अच्छा सुधार रहा। वहीं जुलाई से सितंबर के बीच विश्व के ज्यादातर देशों की अर्थव्यवस्था में गिरावट ही देखने को मिली है।

इन कंपनियों को इस तिमाही में हुआ मुनाफा

जीडीपी में दूसरी तिमाही में गिरावट देखने के साथ ही कुछ लिस्टेड कंपनियों का मुनाफा रिकॉर्ड बढ़ गया। सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनामी (CMIE) ने बताया कि कुछ लिस्टेड कंपनियों का मुनाफा 1.50 लाख करोड़ रुपये हो गया। यह फायदा अब तक कि तिमाही में हुआ सबसे ज्यादा फायदा है।