हॉस्पिटल के बाहर बच्चे के श’व को सीने से लगाकर देर तक रोता रहा बेबस पिता, इलाज के अभाव में मौ’त का आरोप

सोशल मीडिया पर इन दिनों एक दिल दहला देने वाली तस्वीर तेजी से वायरल हो रही है. तस्वीर में एक पिता अपने म’रे हुए बच्चे को गोद में लेकर रोते-रोते जमीन पर ही लेट गया है. तस्वीर को लेकर ऐसा लग रहा है मानों बेटे के साथ उसके भी प्राण शरीर से निकल गए हो और संभवतः वह इस समय यही चाह भी रहा होगा कि ऊपरवाला उसके कलेजे के टुकड़े के साथ उसे भी अपने पास ही बुला लें.

यह दिल पसीज देने वाली तस्वीर कन्नौज के एक जिला अस्पताल से सामने आई है. दरअसल जिला अस्पताल में दिमागी बीमार से पीड़ित इस बच्चे की इलाज ना मिलने के चलते मौ’त हो गई. परिजनों ने हॉस्पिटल के डॉक्टरों पर लापरवाही करने का आरोप लगाते हुए खूब हंगामा भी किया.

मामला शहर के सदर कोतवाली क्षेत्र के गांव मिश्रीपुर का बताया जा रहा है. गांव में रहने वाले प्रेमचंद्र के चार वर्षीय पुत्र अनुज को पिछले कुछ दिनों से बुखार था. रविवार को बुखार के कारण उसकी हालत बिगड़ी तो परिजन बच्चे को लेकर जिला अस्पताल आ गए.

लेकिन वह यहां काफी देर तक इलाज के लिए बच्चे को लेकर इधर-उधर भटकते रहे. इसके बाद वह बच्चे को लेकर इमरजेंसी में पहुंचे. बच्चे की हालत खराब होने के बाद डॉक्टर वीके शुक्ला ने जांच करके उन्हें बच्चो के डाक्टर पीएम यादव के पास भेज दिया.

परिजन काफी देर तक यहां से वहां भटकते रहे और इसी दौरान बच्चे की मौ’त हो गई. जिसके बाद परिजनों ने जिला अस्पताल में हंगामा काटना शुरू कर दिया. जिला अस्पताल के डाक्टरों पर प्रेमचंद्र ने आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने कोरोना वायरस के चलते उसके बच्चे को इलाज नहीं दिया गया जिसके चलते उसकी मौ’त हुई.

परिजन आधे घंटे तक हंगामा करते रहे तब जानकारी पाकर सीएमएस पहुंचे तो उन्होंने परिजनों को समझाकर श’व के साथ मां-बाप को भी शव वाहन से घर भेज दिया.

सीएमएस डॉक्टर योगेश चतुर्वेदी ने मामले की जानकारी देते हुए कहा कि पहले बच्चे को इमरजेंसी में उपचार दिया गया था. दिमागी बुखार होने के चलते डॉक्टर पीएम यादव ने भी उसे देखा और परिजन को बच्चे को कानपुर ले जाने की सलाह दी.

उन्होंने कहा कि बच्चे को समय पर जिला अस्पताल न लाने के कारण उसे कानपुर नहीं भेजा जा सका. इलाज में लापरवाही के आरोप झूठे है ऐसा नहीं हुआ. वहीं जब सीएमओ डॉक्टर कृष्ण स्वरूप ने बात की गई तो उन्होंने बताया कि उन्हें इस मामले की जानकारी नहीं है. अगर उनके पास शिकायत आती है तो वह जांच कर कार्रवाई करेगें.

साभार- जनज्वार