इस राज्य में मुस्लिमों ने शुरू की बड़ी पहल, बंटवारे के बाद से ही वीरान पड़ी सैकड़ों मस्जिदों को फिर से कर रहे आबाद

देश की आज़ादी के समय बंटवारे के रूप में देश ने एक बड़ी विपदा का सामना किया. मुसलमानों के लिए अलग देश पाकिस्तान की स्थापना ने देश में संप्रदा’यिकता को जन्म दिया जिसके बाद भारत में मुसलमानों पर और पाकिस्तान में हिंदुओं और सिखों पर कहर ढहाए गए. स्थितियां ऐसी बन गई कि लाखों-करोड़ों की तदात में सीमा क्षेत्रों के करीब रहने वाले मुसलमानों को भारत छोड़कर पाकिस्तान में जानकर बसना पड़ा.

इस विपदा के दौरान हुए हिंस’क नहसं’हार के निशान आज भी देखने को मिलते हैं. वहीं बंटवारे के वक्त सीमा क्षेत्र के मुस्लिमों के जाने के बाद यहां की मस्जिद, दरगाह और खानकाह वीरान पड़ गई. इनमें से कई बँटवारे के 70 साल बाद भी वीरान पड़े हुए हैं.

लेकिन अब पंजाब के मुसलमानों ने इन मस्जिदों को एक बार फिर से आबाद करने की पहल शुरू कर दी हैं. पंजाब के रोपड़ शहर के अंतगर्त पड़ने वाले गांव में जर्जर पड़ी एक मस्जिद को पुनः जिंदा करके इस पहल की शुरुआत की गई हैं.

इसके साथ ही पंजाब के तमाम गांवों में स्थिति मस्जिदों को भी इसी तरह से रिनोवेट किये जाने की तैयारी की जा रही हैं. जिसे बंटवारे के दौरान मुसलमान छोड़कर पाकिस्तान चले गए थे.

बताया जा रहा है कि विरान पड़ी इन मस्जिदों में बहार लाई जा रही हैं और इनका उपयोग उत्तर प्रदेश और बिहार के मजदूरों द्वारा किया जा रहा हैं जो रोजी रोटी के लिए रोजगार की तलाश में पंजाब का रुख कर रहे हैं.

इन मस्जिदों में फिर से पांच वक्त की अज़ानों की आवाज गूंजने लगी है और अच्छी संख्या में नमाज़ी भी नमाज़ अदा करने के लिए पहुंचने लगे हैं. आपको बता दें कि इसी तरह पाकिस्तान सीमा से लगे अन्य राज्यों में भी विरान मस्जिदें, ईदगाह और मदरसे देखने को मिलते हैं.

आपको बता दें कि हरियाणा, राजस्थान, गुजरात में भी सैकड़ों की तादात में मस्जिद, दरगाह और खानकाह वीरान पड़े हैं, इतना ही नहीं इनमें से ज़्यादातर मस्जिद पुरातत्व विभाग के कब्जे में है.