छात्रों को नहीं भाई मोदी के ‘मन की बात’, गुस्साए छात्रों ने वो कर दिया जो इतिहास में कभी न हुआ

नरेंद्र मोदी ने जब से प्रधानमंत्री के तौर पर देश की कमान संभाली हैं तब से ही वो हर महीने के अंतिम रविवार को रेडियो पर देशवासियों से मन की बात करते हैं. पीएम मोदी का मन की बात रेडियो कार्यक्रम का प्रसारण इस रविवार को भी हुआ. इसे रेडियो के आलावा भारतीय जनता पार्टी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म यूट्यूब (Youtube) पर भी लाइव कराया था. इसके आलावा इसे पीएम मोदी के यूट्यूब चैनल पर भी शेयर किया गया था.

लेकिन खास बात यह रही हैं कि पीएम मोदी के मन की बात लोगों को पसंद नहीं आई. दरअसल यूट्यूब पर शेयर होने के बाद से ही मन की बात प्रोग्राम के वीडियो पर डिसलाइक का ठेर लग गया. लाखों लोग इसे अब तक डिसलाइक कर चुके हैं.

पीएम मोदी ने साल 2014 में जब देश की बागडोर अपने हाथों में ली थी उसी के साथ उन्होंने देशवासियों से संवद करने के लिए रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की शुरुआत की थी. पीएम मोदी के इस अंदाज को शुरुआत में लोगों ने खूब पसंद किया था. लोगों में मन की बात को लेकर हमेशा उत्साह देखने को मिलता था.

लेकिन अब देश की जनता पीएम मोदी की मन की बात सुनने में दिलचस्पी नहीं रख रही हैं? ऐसा इसलिए माना जा रहा हैं क्योंकि 30 अगस्त को हुए प्रोगाम को जब यूट्यूब पर शेयर किया गया तो इस पर लाइक का ठेर लग गया.

भारतीय जनता पार्टी के यूट्यूब अकाउंट पर इसे 29 अगस्त को Prime Minister Narendra Modi’s Mann Ki Baat with the Nation शीर्षक के साथ शेयर किया गया था. जिसे आज 1 बजे तक करीब 56 हजार लोगों ने लाइक किया था, जबकि इसे डिसलाइक करने वाले लोगों की संख्या चार लाख से अधिक हो चुकी हैं.

इसी तरह पीएम मोदी के इस मन की बात प्रोगाम को खुद पीएम मोदी के यूट्यूब चैनल पर भी डिसलाइक किया जा रहा हैं. इतना ही नहीं दूरदर्शन चैनल द्वारा शेयर वीडियो पर भी डिसलाइक देखने को मिले हैं.

आपको बता दें कि लाइक और डिसलाइक के बीच इस वीडियो के कमेंट्स सेक्शन में देखने पर अंदाजा लगाया जा सकता हैं कि बीजेपी और पीएम मोदी के प्रति देश के युवा वर्ग में खासी नाराजगी हैं. माना जा रहा हैं कि डिसलाइक करने वाले लोगों में NEET-JEE एग्जाम कराए जाने नाराज छात्र शामिल हैं.

यह छात्र लंबे समय से सरकार से अनुरोध कर रहे हैं कि कोरोना संकट को देखते हुए इस समय यह परीक्षा नहीं कराए जाए. इसके आलावा बड़ी तादात में बेरोजगारी से जूझ रहे युवा भी डिसलाइक करने वालों में शामिल बताए जा रहे हैं.

साभार- जनसत्ता