मुस्लिमों को बदनाम करने संबित पात्रा ने फैलाई झूठी खबर, फ़रीदाबाद पुलिस ने ऐसा लताड़ा की….

नई दिल्ली: पूरा देश एकजुट होकर कोरोना वायरस से संघर्ष कर रहा है. देश का हर नागरिक सरकार के बताए गाइडलाइंस के मुताबिक नियमों का पालन कर रहा है लेकिन इस एकता को तोड़ने का प्रयास सरकार के ही नेता और मीडिया वाले कर रहे हैं. आज देश के अधिकांश लोग न्यूज चैनलों और उनके पत्रकारों का नाम सामने आते ही उन्हें कोसना शुरु कर देते हैं. क्योकि ये लोग ही देश के असल दुश्मन हैं।

कोरोना जैसी आपदा में भी बीजेपी नेताओं द्वारा सां’प्रदायिकता फैलाने वाले बयान और फ़ेक न्यूज़ चलाने का खेल रुक नही रहा बल्कि प्रतिदिन और तेज़ी से बढ़ता जा रहा है. लोग भुखमरी के कारण मेंढक और घासफूस तक खाने को मजबूर कर रहे हैं लेकिन कुछ मीडिया चैनलों ने तो जैसे झूठी ख़बरें चलाने की क़सम खा ली है तो भाजपा के दिग्गज नेता तक उस झूठी खबर को फैला कर कर दं’गे की स्थिति पैदा करने में कोई कसर नही छोड़ रहे हैं।

फरीदाबाद पुलिस ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा को एक्सपोज किया है दरअसल संबित पात्रा ने इंडिया एक्सप्रेस की एक खबर को पोस्ट करते हुए लिखा था कि फ़रीदाबाद में जान मोहम्मद और उनके लोगों ने ASHA workers जो कोरोना की data एकत्र कर रहें थे..उन्हें बेरहमी से मा’रा पूरे मोहल्ले में ये बात फैलाई गयी की सरकार NRC के लिए डेटा इकट्ठा कर रही है। पुलिस जान मोहम्मद और उनके साथियों को गिरफ़्तार करने के लिए ढूँढ रही है

अब उस ट्वीट पर जब फ़रीदाबाद पुलिस की नज़र पड़ी तो उन्होंने अपने क्षेत्र फ़रीदाबाद में इस घटना की जानकारी हासिल करने की कोशिश की तो पता चलता है की फ़रीदाबाद में ऐसी कोई घटना हुई ही नही और यही बात फ़रीदाबाद पुलिस ने संबित पात्रा द्वारा किए गए ट्वीट पर आकर लिखा, सर नमस्कार, श्रीमान आप आशा वर्कर की जिस घटना का जिक्र कर रहे वह फरीदाबाद की नही है।

वही इस खबर के पुलिस प्रशासन द्वारा झूठे होने की पुष्टि के बाद भी संबित पात्रा ने खबर लिखे जाने तक अपने ट्वीट को डिलीट नही किया और ना ही इतनी बड़ी गलती करने की माफ़ी ही माँगी जबकि इस ट्वीट के रिप्लाई में संबित पात्रा को केवल मुसलमान ही नही बल्कि अमनपसंद हिंदू समाज का भी एक बड़ा तबका ख़ासी नाराज़गी एवं ग़ुस्सा प्रकट कर रहा है।

बता दें प्रसिद्ध न्यूज़ पोर्टल Indian Express इंडियन एक्सप्रेस ने खबर बनाई थी फरीदाबाद में एक आशा कार्यकर्ता की डोर टू-डोर कोरोना वायरस से संबंधित सर्वेक्षण करने के बाद पि’टा’ई की गई, हाल ही नूंह में भी इसी तरह की घटना सामने आई थी।

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