पत्रिका न्यूज़ के खिलाफ़ सा’म्प्रदायिकता को बढ़ावा देने को लेकर मुस्लिम समाज भड़का, FIR दर्ज करने की माँग

आज पूरी दुनिया के 200 से भी ज्यादा देश कोरोना की म’हामा’री झेल रहा हैं. दुनिया भर में सैकड़ों लोग इस म’हामा’री का शिकार हो चुके हैं. और हजारों लोग इसकी वजह से मौ’त के मुंह में समा चुके हैं. यह वक्त है जब सभी मतभेदों को भुलाकर एकजुट होकर मुस्तैदी से इस बीमारी से लड़ने की लेकिन कुछ मीडिया चैनल और समाचार पत्र ऐसे हैं जो इसके बहाने साम्प्रदा’यिकता को बढ़ावा देने में लगे हुए हैं.

अब खबर आ रही है मध्य प्रदेश के गुना जिले से जहाँ हिंदी न्यूज़ अखबार ‘पत्रिका न्यूज़’ को लेकर कि, उक्त समाचार पत्र ज़िले में सा’म्प्रदायिकता फैलाने का काम कर रहा है. देशभर में कोरोना के चलते हालात पहले से ही सही नहीं हैं, और ऐसे में पत्रिका समाचार पत्र आ’ग में घी डालने का काम कर रहा है. इसको लेकर गुना जिले के मुस्लिम समाज के अध्यक्ष शफीक क़ुरैशी उर्फ़ (काले भाई) ने सिटी कोतवाली तथा ज़िला कलेक्टर से भी इस मामले को लेकर गुहार लगायी है.

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मिली जानकारी के अनुसार, पत्रिका समाचार पत्र पर आरोप है, ख़बरों को तोड़ मरोड़कर पेश किये जाने और समुदाय विशेष के खिलाफ़ एक नफ़रत भरा माहौल तैयार करने, जिले में सांप्रदायि’क सौहार्द बिगाड़ने और सांप्रदायि’क तना’व को बढ़ावा देने का, इस मामले में पत्रिका के ब्यूरो चीफ़ प्रवीण मिश्रा पर एफ़आईआर दर्ज कराने को लेकर माँग की गयी है.

मुस्लि’म समाज को बदनाम करने के औचित्य से पत्रिका अखबार द्वारा खबर लगाई गई थी जिस पर गुना जिला ब्यूरो चीफ के खिलाफ मामला दर्ज होगा

ख़बरों के अनुसार मीडिया द्वारा फैलाई गयी गलत जानकारियाँ और झूठी ख़बरों के झांसे में आकर शहर के कुछ लोग भी सोशल मीडिया पर सक्रीय हैं. लोग सोशल मीडिया पर समुदाय विशेष के खिलाफ़ कमर कसे हुए हैं, या उनकी पोस्ट के कमेन्ट बॉक्स में लोगों की भड़काऊ बातें पोस्ट की जा रही हैं, जो मीडिया के द्वारा लोगों का ब्रेन वाश करने का नतीजा है.

ज़िले के एसपी की चेतावनी के बाद भी लोगों में डर नहीं

हालाँकी बीते 5 अप्रेल को गुना ज़िले के एसपी द्वारा भी लोगों से अपील की गयी थी कि सोशल मीडिया, जैसे फेसबुक और व्हात्सप्प, ट्विटर के ज़रिये या फिर प्रिंट और इलेक्ट्रोनिक माध्यम से किसी भी तरह की भ्राम’क जानकारियां और पोस्ट शेयर न की जाएँ.

Guna SP Post Related To Social Media

सोशल मीडिया पर कुछ लोगों के स्क्रीनशॉट वायरल हो रहे हैं, जिनमें वह तबलीगी जमात और समुदाय विशेष को लेकर उल्टी-सीधी पोस्ट डाल रहे हैं. फिलहाल लॉक डाउन की स्तिथि के चलते लोग अपने-अपने घरों में कैद हैं, वरना किसी भी तरह की अप्रिय स्तिथि निर्मित हो सकती थी.

मुस्लिम समाज के अध्यक्ष शफीक़ क़ुरैशी उर्फ़ काले भाई ने इस मामले को लेकर पुलिस अधीक्षक को गुना जिले के पत्रिका के संपादक प्रवीण मिश्रा पर एफ आई आर दर्ज करने को लेकर ज्ञापन दिया है, ध्यान दिला दें, ये ख़बर लिखे जाने तक FIR दर्ज नहीं हो पायी है.

अभी मामले को पूरा जानने से पहले बात करते हैं, शहर के मुस्लिम समुदाय के युवाओं द्वारा कोरोना के चलते समाज हित में किये गए काम को. इसके बाद आपको शायद यकीन हो जाय कि ये लोग क्या बीमारी बाँटने का काम कर सकते हैं या नहीं.

23 अप्रेल से लेकर अब तक गुना ज़िले के मुसलमानों द्वारा आपस में समाज द्वारा और निजी तौर पर भी पैसा या खाद्य सामग्री का न केवल तगड़ा स्टॉक किया गया, और ये लोग आज तक लोगों का धर्म देखे बिना उनकी मदद कर रहे हैं. हालाँकि शहर में और भी सामाजिक कार्यकर्ता और संगठन भी इसी काम में लगे हुए हैं, जो काबिलेतारीफ़ है.

क्या है पूरा मामला

आपको बता दें कि पूरा मामला क्या है, बीते दिनों पत्रिका समाचार पत्र ने एक न्यूज़ लगाई थी, जिसका शीर्षक था ‘गांव के लोगों को बीमारी बाँटने  के लिए हैण्डपंप में मिलाया मैला’, जिसके बाद इस न्यूज़ में इस मैला मिलाये जाने के प्रकरण को सीधा व्यक्ति से न जोड़कर मुस्लिम समाज पर ही आरोप लगा दिया.

Guna Patrika News Cutting

न्यायालय बाद में जाकर इस पर किसी नतीजे पर पहुँचता, पत्रिका ब्यूरो चीफ ने मामले पर फैसला देते हुए इसे साजिश करार देकर मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाने की कोशिश की है, इस तरह की भ्रामक पंच लाइन देकर, ख़बरें छापना भी पत्रिका समाचार पत्र के काम करने पर सवालिया निशान खड़ा होता है.

बाद में जब इस बात की छानबीन की गई, तो इस मामले में एक युवक के सामने आने की बात पता चली, जिसका मानसिक संतुलन पूरी तरह से सही नहीं है. सबूत के टूर पर उसके कुछ ऐसे वीडियो हैं, जिसमें वह सड़क पर पत्थर फैंकता दिखाई दे रहा है.

एक न्यूज़ को इस तरह प्रसारित करने पर समाज के युवा इसीलिए भड़’के, क्योंकि अन्य समाज के लोगों द्वारा अखबार की कटिंग सोशल मीडिया में वायरल हो रही थी, जिसमें सभी लोग इस न्यूज़ को आधार बनाकर पूरे समुदाय को कोस रहे थे.

इधर मुस्लिम समाज के अध्यक्ष और मोहसिन कुरेशी जो कि फ़िक्र-ए- मिल्लत संगठन के संयोजक हैं, इन्होने कहा है कि अगर प्रशासनिक स्तर पर हमारी सुनवाई ठीक तरह से नहीं होती, और पत्रिका के ब्यूरो चीफ पर FIR दर्ज नहीं होती तो हम न्यायालय की शरण लेकर इस मामले को लेकर ऊपर तक जाएंगे, लेकिन पीछे नहीं हटेंगे.

क्योंकि इसकी वजह से लोगों में जो गलतफहमियां पैदा हुयी हैं, अथवा हो रही हैं, जब तक इसपर कार्यवाही नहीं होगी लोगों को सच का पता भी नहीं चलेगा.

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