सोशल मीडिया पर CAA और NRC की वजह से लोगों की दोस्ती और संबंध ख़राब हो रहे हैं

सोशल मीडिया पर CAA और NRC की वजह से लोगों की दोस्ती और संबंध ख़राब हो रहे हैं

देश में नागरिकता संशोधन कानून लागू हो जाने के बाद, सोशल मीडिया धर्म के आधार पर दो भागों में बट गया है. इस नए कानून पर पिछले काफी समय से लोगों के बीच बहस हो रही है, जिसमें कई लोगों की बचपन की दोस्ती तक टूट गई है. यहां तक कि कई संस्थानों के व्हाट्सएप के ग्रुप में भी तकरार चल रही है, जिसके चलते कई लोग ऐसे व्हाट्सएप ग्रुप को छोड़ रहे हैं, जिनमें नागरिकता कानून को लेकर बात चल रही हो.

देशभर में सोशल मीडिया 2 धडों में बंट चुका है. एक तरफ वह लोग हैं, जो CAA का समर्थन कर रहे हैं और दूसरे तरफ वह लोग हैं जो इसका विरो’ध कर रहे हैं. कई लोगों से बात करने के दौरान यह पता चला कि स्कूल कॉलेज अथवा यूनिवर्सिटी में शिक्षकों और छात्रों के बीच जो मधुर संबंध थे, उनमें भी खटास आ चुकी है.

नागरिकता कानून की वजह से लोगों में मनमुटाव

इसके अलावा कई लोग ऐसे भी हैं जो अलग अलग धर्म और समुदाय से आते हैं. इस नए नागरिकता संसोधन कानून की वजह से उनके बचपन की गाढ़ी दोस्ती में भी अब वो बात नहीं रही. इसकी सबसे मुख्य वजह है, नागरिकता कानून पर बहस.

दोस्तों आपको याद दिला दें कि इसी कानून के लागू होने के बाद तमाम विरो’ध और प्रदर्शनों में भारत के कई राज्यों में अब तक कई लोगों की जान जा चुकी है. इसके अलावा करोड़ों रुपए की संपत्ति का नुकसान भी हो चुका है, जिसमें लोगों की निजी संपत्ति और सरकारी संपत्तियां दोनों ही शामिल हैं.

कई लोग इसी कानून के विरो’ध के चलते प्रदर्शनों में घाय’ल होने की वजह से अस्पताल में भर्ती हैं, तो कई लोगों की नौकरी ही चली गई.

लोगों के मधुर संबंध टूटने की कगार पर

अभी हाल ही में उत्तर प्रदेश के एक एसपी का वीडियो भी वायरल हुआ था, जिसमें वह स्थानीय मुस्लि’म समुदाय लोगों को तंज कसते हुए दिख रहे थे कि ‘खाते यहां का हो और गाते कहीं और का हो’.

ऐसे लोगों की मानसिकता मैं जहर घोलने वाले सत्ताधारी अपने आप को सेफ बचा लेंगे, लेकिन इनकी वजह से लोगों के दिलों में जो नफर’त पनप रही है ये उनकी जिंदगियां बर्बाद कर देगी.

नए युवा जिन्हें अपने आगे के भविष्य के बारे में बहस करना चाहिए वे हिन्दू-मुस्लि’म करने में लगे हुए हैं. इनको अब अपने भविष्य और पढ़ाई से ज़्यादा फ़िक्र इस बात की है कि इस देश में कौन रहेगा कौन नहीं.

जिनको अपने मोहल्ले के बारे में ही ठीक से पता नहीं है, वे लोग भी देश की राष्ट्र भक्ति पर ज्ञान पेल रहे हैं. इनमें सबसे ज़्यादा रोल निभा रहा है सोशल मीडिया और व्हात्सप्प के ग्रुप. इनमें लोगों को भर-भर के ब्रेन वाश करने वाली सामग्री परोसी जा रही है.

आपको एक अच्छा जीवन जीने के लिए, अच्छे मित्रों का पास होना भी जरूरी है. इसी नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी पर बहस के चलते अब तक कई पक्के दोस्तों की दोस्ती टूट गयी है या उनमें अब पहले जैसी बात नहीं रही.

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