दीपक चौरसिया ने कहा- भगवान ने मुझे रवीश जैसा बुद्धिजीवी क्यों नहीं बनाया, लोगों ने कहा- पहले हिंदी लिखना सीख लीजिए

भारतीय मीडिया के सबसे बड़े चेहरे के तौर पर जाने जाने वाले रवीश कुमार का प्राइम टाइम शो बीते रात एक पत्रकार ने देखा और शो देखने के बाद जोश-जोश में पत्रकार साहब ने ट्वीट भी कर दिया. लेकिन हिंदी के पत्रकार अपने ट्वीट में हिंदी भी ढंग से नहीं लिख पाए. अब आप सोच रहे होगे ये पत्रकार साहब कौन हैं? तो हम आपको बता दें कि यह वहीं पत्रकार है जो रिपोर्टिंग करने के लिए सूट पहनकर चांद पर पहुंच गए थे.

अब तो आप पहचान ही गए होगें जी हां हम बात कर रहे हैं पत्रकार दीपक चौरसिया की. दीपक चौरसिया गलती से एनडीटीवी के पत्रकार और एशिया का नोबल कहे जाने वाले मैग्सेसे अवार्ड से सम्मानित रवीश कुमार का प्राइम टाइम देख लिया था और इसी के बाद उन्होंने एक ट्वीट किया.

दीपक चौरसिया ने अपने ट्वीट में लिखा कि आज गलती से रवीश कुमार का प्राइम टाइम देखा. रवीश ने दिल्ली में हुए दं’गों की आरोपी सफूरा, नताशा और देवंगाना को पीड़ित साबित कर दिया. क्या इंसाफ हैं? इतना ही नहीं यह भी साबित कर दिया कि दिल्ली पुलिस की एफआईआर भी एक कलपित कहानी हैं जिसे नोबेल पुरस्कार मिलना चाहिए.

उन्होंने आगे लिखा कि हे भगवान मुझे भी इतना बुद्धजीवी क्यों नहीं बनाया? इसके बाद सोशल मीडिया पर दीपक का यह ट्वीट वायरल होने लगा और लोग उन्हें ट्रोल करने लगे.

दीपक के ट्वीट पर कई बड़े और वरिष्ठ पत्रकारों ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जो लोग ढंग से हिंदी नहीं लिख पाते हैं वो रवीश कुमार बनना चाहते हैं. पत्रकार आरफा खानुम शेरवानी ने लिखा कि बुद्धजीवी? हिंदी के पत्रकार होकर जो हिंदी नहीं लिख सकते हैं, वो रवीश कुमार बनना चाहते हैं.

वहीं कई यूजर ने दीपक के ट्वीट पर अपनी प्रतिक्रियां दी. एक ट्विटर यूजर विपिन राठौर ने लिखा कि मैं तुमको गलती से भी नहीं देखता हूं और हां तुम रवीश कुमार कभी नहीं बन सकते हो कभी नहीं.

वहीं एक और यूजर ने उन्हें सलाह देते हुए लिखा कि रोज़ देखा करो, हो सकता है किसी दिन थोड़ी बहुत शर्म आ जाये और आप थोड़ी पत्रकारिता ही करने लगें.

दरअसल दीपक चौरसिया अक्सर ही ट्वीटर पर हिंदी लिखते समय गलतियां करते रहते हैं. इसके आलावा कई बार दीपक गलत जानकारियां भी ट्वीटर पर शेयर करते रहते हैं. अभी हाल ही में केरल में हथिनी के मामले पर भी दीपक ने समुदाय विशेष को बदनाम करने की कोशिश की थी.