पिछले कई सालों से लापता अन्ना हज़ारे, देश में बढ़ती महंगाई गिरती अर्थव्यवस्था, लेकिन फिर भी नहीं किया कोई अनशन

साल 2011 में कांग्रेस सरकार के खिलाफ अन्ना हजारे अनशन शुरू किया था. इसमें कई लोग शामिल थे जिसमें अरविंद केजरीवाल और पतंजलि कंपनी के मालिक बाबा रामदेव भी शामिल थे. बाबा रामदेव ने काले धन और भ्र’ष्टाचार को लेकर आंदोलन खड़ा किया था जबकि अन्ना हजारे लोकपाल बिल और बढ़ती मंहगाई को लेकर अनशन पर बैठ गए थे. जबकि उस समय पेट्रोल के दम आज के समय से तो बहुत ही कम होगें.

इस दौरान महंगाई को लेकर एक गाना भी आया था, यह गाना बॉलीवुड की एक फिल्म पीपली लाइव का था. इस दौरान मंहगाई के खिलाफ जोरदार आवाज़ हर तबके द्वारा उठाई गई थी लेकिन आज आपको वर्तमान कीमतों और उस वक्त की कीमतों में फर्क साफ नजर आता होगा.

आज पेट्रोल की कीमतें तेजी से बढ़ रही है वो भी ऐसे वक्त में जब जनता पहले से ही कोरोना संक्र’मण और लॉकडाउन की मा’र झेल रही हैं. कोरोना और लॉकडाउन ने लाखों लोगों की नौकरियां खा ली है और वो बेरोजगार हो गए हैं.

लेकिन इसी बीच काले धन पर आंदोलन करने वालों में से एक व्यक्ति भारत की सबसे बड़ी आयुर्वेदिक कंपनी का मालिक बन बैठा है. जो कंपनी 2011 से पहले लड़खड़ा कर चलती थी आज वो देश की सबसे बड़ी ब्रांड बन कर उभर चुकी हैं.

बाबा रामदेव ने एक लाइव शो और ट्वीटर पर एक बयान देकर दावा किया था कि अगर देश में काला धन वापस आ जाता हैं तो पेट्रोल की कीमतें 30 प्रति लीटर पर पहुंच जाएगी. इसी उम्मीद में लोगों ने उस समय बीजेपी को सत्ता सौपी थी.

लेकिन बीजेपी ने काला धन लाने के लिए नोटबंदी ही कर डाली, इससे काला धन तो नहीं आया लेकिन लोगों को परेशानियां और बढ़ती पेट्रोल कीमतें जरुर मिल गई.

वहीं पिछले कई सालों से महंगाई और भ्र’ष्टाचार के खिलाफ आवज़ उठाकर अनशन करने वाले अन्ना हजारे भी गायब हैं. पिछले कई सालों से अन्ना ने ना तो महंगाई के खिलाफ और ना ही भ्रष्टाचार के खिलाफ कोई आवज़ उठाई. अन्ना हजारे ने अनशन तो दूर बढ़ती मंहगाई पर एक बयान तक नहीं किया.

जबकि इस दौरान देश में महंगाई पहले से कहीं ज्यादा हो चुकी हैं और तेजी से बढ़ ही रही हैं. इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ कि डीजल के दम पेट्रोल से भी आगे निकल गए लेकिन इसके बाद भी अन्ना हजारे और उनके साथी ख़ामोशी बनाए हुए हैं.