किसान आंदोलन: टीवी पर पिता को ठंड से ठिठुरते हुए देखा, अमेरिका से बेटियों ने भेज दिए 10 लाख के गर्म कपड़े

सरकार भले ही किसानों के लिए कुछ ना कर रही हो लेकिन किसान ही किसानों की सहायता करते हुए दिख रहे हैं ऐसा ही एक मामला हाल ही में किसान आंदोलन के बीच से सामने आया है जिसमें किसानों के द’र्द को किसान ही समझते हुए मिटा रहा है।

बता दें कि किसानों के आंदोलन को चलते हुए अब महीना भर हो गया है लेकिन सरकार किसानों की कोई सुध लेती हुई दिखाई नहीं दे रही है। हालांकि सरकार और किसान संगठनों के बीच कई वार्ताएं हुई हैं लेकिन किसानों को सिवाय आश्वासन के अभी तक कुछ हासिल नहीं हुआ है।

Pita ko Betiyon ne bheje 10 lakh ke garm kapde

आपको यह भी बता दें कि किसान संगठन और सरकार के बीच वार्ता होनी है ऐसे में अब किसानों का कहना है अगर अब भी सरकार उनकी मांगों को नहीं मानती है तो वे इस आंदोलन को और आगे लेकर जाएंगे।

बता दें कि महीने भर से पंजाब और हरियाणा के किसान दिल्ली बॉर्डर पर कड़कड़ाती ठंड में सड़क पर बैठे हैं ऐसे में सड़क पर चलते लंगर ,अलाव तापते किसानों की फोटो सोशल मीडिया और टीवी पर खूब वायरल हो रही है।

किसान कड़कड़ाती ठंड में सड़क पर तंबू लगाकर बैठे हैं, किसान पूरी पूरी रात अलाव के सहारे निकाल रहे हैं ऐसे में किसानों के दर्द को किसानों ने ही समझ कर मदद पहुंचाई है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुई ठंड में कांपते पिता की तस्वीर तो अमेरिका से भिजवाए 10 लाख के गर्म कपड़े बता दें कि महीने भर से किसान दिल्ली-जयपुर हाईवे पर ठंड और महामारी के बीच केंद्र सरकार द्वारा लाए गए कृषि कानूनों के विरोध में बैठे हैं.

ऐसे में किसान आंदोलन में शामिल कपूरथला के मकसूदपुर निवासी सतनाम सिंह भी पिछले 1 महीने से किसानों को समर्थन देने के लिए जयपुर दिल्ली हाईवे पर डटे हुए हैं। किसान आंदोलन के बीच सतनाम सिंह गर्म कपड़े बांटते हुए देखे गए लेकिन जब सतनाम सिंह से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि यह गर्म कपड़े उनकी बेटियों ने अमेरिका से भिजवाए हैं।

सतनाम सिंह ने बताया कि उनकी बेटियां गुरप्रीत कौर और तलविंदर कौर अमेरिका में रहती हैं जब उन्होंने मुझे ठंड के बीच सड़क पर बैठे देखा तो उन्हें चिंता हुई। जिसके बाद उन्होंने 10 लाख रुपए के गर्म कपड़े भिजवा दिए।

सतनाम सिंह कहते हैं कि अब इन कपड़ो से और भी किसान भाइयों का जाड़ा दूर हो जाएगा। वे कहते हैं कि इन कपड़ो को ट्रक में भरकर लाया गया है जिनको किसानों को बांटा जा रहा है ताकि अपनी खेती क्यारी बचाने को आंदोलन कर रहे किसान ठंड से बच सकें।

वहीं सतनाम सिंह ने बेटियों के लिए कहा कि उन्हें खेती के बदौलत ही अमेरिका भेजा था वो वहां अच्छा खासा कमा रही हैं।

सतनाम सिंह ने यह भी बताया कि मेरी बेटियों ने बताया कि जब उन्होंने मुझे सड़क पर ठंड कांपते हुए देखा तो उनसे रहा नहीं गया उन्होंने कहा कि “आज खेती की बदौलत ही अमेरिका में रह रही हैं इसलिए अब हम मदद करेंगे “