सर्टिफिकेट की जांच पर भड़का शिक्षकः कहा, पहले पीएम और सीएम के सर्टिफिकेट की जांच करो फिर…

उत्तर प्रदेश में हाल ही में कई फर्जी शिक्षकों के मामले सामने आए हैं. एक ही नाम की एक शिक्षिका के करीब 40 स्कूलों में पढ़ाने की खबर से हर कोई चौंक गया हैं. इसके बाद और भी कई मामले सामने आए जिससे राज्य में शिक्षकों की भर्ती में बड़े पैमाने पर घो’टाला होने का इशारा मिलता है अब इसे लेकर जांच शुरू हो चुकी है. बताया जा रहा है कि शिक्षा विभाग इस जांच के तहत सभी शिक्षकों के दस्तावेजों की जांच कर रहा है.

बताया जा रहा है कि शिक्षा विभाग ने शिक्षकों को जल्द से जल्द अपने दस्तावेज़ पेश करने का आदेश जारी किया है लेकिन इसके बाद भी बड़ी तादात में शिक्षक जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं. इतना ही नहीं एक शिक्षक ने तो न सिर्फ सर्टिफिकेट दिखाने से माना किया है बल्कि उसने पीएम मोदी और सीएम योगी की मार्कशीट की जांच करने की मांग भी कर डाली हैं.

न्यूज़ 18 की रिपोर्ट के अनुसार हरीचंद इंटर कॉलेज लखनऊ के रसायन शास्त्र में लेक्चरर रामनिवास से जब जांच के लिए शिक्षा विभाग ने उनके शैक्षणिक सर्टिफिकेट मांगे तो उन्होंने जवाब में शिक्षा विभाग को चिट्ठी लिखकर सर्टिफिकेट दिखाने से साफ मना कर दिया.

इनता ही नहीं उन्होंने उनके सर्टिफिकेट और मार्कशिट की जांच करने से पहले देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सर्टिफिकेट और मार्कशीट की जांच करने की मांग की.

रामनिवास ने अपने पत्र में साफ कह दिया है कि जब तक पीएम और सीएम के मार्कशीट की जांच नहीं की जाएगी तब तक वो भी अपने दस्तावेज जांच के लिए पेश नहीं करेंगें.

हरीचंद इंटर कॉलेज के प्रिंसिपल अरविंद ने कहा कि रामनिवास 2002 से इंटर कॉलेज में लेक्चरर के पद पर काम करते हैं. उन से इस मामले को लेकर चिट्ठी लिखकर जवाब तलब किया जा रहा है. इसके साथ ही उन्होंने यह उम्मीद भी जताई कि वो जल्द से जल्द अपने डॉक्यूमेंट जांच के लिए शिक्षा विभाग को सौंपें.

वहीं इसे लेकर रामनिवास ने कहा कि ज्वाइन करने के बाद से पिछले 18 साल में कई बार उनके सर्टिफिकेट की जांच हो चुकी है और उन्हें सर्टिफिकेट जांच के बाद ही नियुक्ति मिली थी और इसमें हुई लेटलतीफी के चलते उन्हें शुरूआती 13 महीने का वेतन भी नहीं मिल पाया था.

रामनिवास ने कहा कि कई मर्तबा सर्टिफिकेट की जांच कराये जाने के कारण उनके अंदर भी खीझ भरी पड़ी थी. इसी के चलते उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी के सर्टिफिकेट की जांच करने की मांग करने वाली चिट्ठी लिखी.