शौक बढ़ी चीज़ है: नबर प्लेट बदल कर दरोगा जी 5 साल से चला रहे थे चोरी की बुलट, ऐसे पकड़े गए

दिल्ली: आपने अक्सर सड़क पर दौड़ते कई वाहनों पर पुलिस, प्रेस, पत्रकार, मीडिया और एडवोकेट लिखा हुआ तो ज़रूर देखा होगा. दोस्तों यह सिर्फ एक विभाग का परिचय ही नहीं होता बल्कि सड़क पर दौड़ती गाड़ियों में अलग रुतबा भी दिखाता है लेकिन आजकल पुलिस, प्रेस और एडवोकेट लिखी गाड़ियां कुछ ज्यादा ही देखने को मिलती हैं।

लोग अक्सर ऐसा टोल, चालान इत्यादि से बचने के लिए करते हैं लेकिन क्या हो अगर पुलिस, प्रेस, एडवोकेट लिखी गाड़ी पर पुलिस महकमे का ही व्यक्ति बैठा हो और गाड़ी फर्जी हो जी हां ऐसा ही एक मामला हाल ही में सामने आया है. हालाँकि अपने बन्दे के पास से चोरी की बुलट निकलने की वजह से उसके सहकर्मी और विभाग भी बहुत शर्मिंदा हैं.

दरोगा जी ने 5 साल तक ख़ूब चलायी बुलट

Bullet Bike Showroom

क्या हो अगर आपकी बाइक चोरी हो जाए और आप पुलिस में रपट भी लिखवा दें और बाइक मिल भी जाए लेकिन पुलिस ही आपकी बाइक को पांच साल तक काम में लेती रहें । लेकिन ऐसा ही एक मामला सामने आया है जिसमें एक व्यक्ति की चोरी हो चुकी बाइक को पुलिस ही चला रही थी।

बता दें कि 2012 में पटना के रहने वाले दिवाकर कुमार ने अपने लिए एक बुलेट मोटरसाइकिल खरीदी। दिवाकर कुमार की बुलेट 2015 में चोरी हो गयी जिसके बाद उन्होंने पटना के एसके पुरी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करवाई।

लेकिन 2012 में चोरी हुई बाइक का पता दिवाकर कुमार को 2020 में लगा । लेकिन पता कैसे लगा इसका किस्सा खासा दिलचस्प है। दरअसल दिवाकर कुमार की बुलेट का इस्तेमाल झारखंड के दुमका में एएसआई अखलाक खान धड़ल्ले से कर रहे थे।

इस एसआई अखलाक खान ने बाइक की नंबर प्लेट की जगह पुलिस की प्लेट लगवा दी और मजे से बाइक की सवारी करने लगे।

दूसरी तरफ बाइक के असली मालिक दिवाकर कुमार पिछले 5 साल से पुलिस से यही उम्मीद कर रहे थे कि उनकी बाइक पुलिस ढूंढ कर निकाल कर लाएगी लेकिन बाइक ढूंढना तो दूर पुलिस उनकी ही बाइक चला रही थी।

5 साल बाद कैसे हुआ खुलासा

दरअसल झारखंड के दुमका में एएसआई अखलाक खान दिवाकर कुमार की बुलेट बाइक को सर्विस के लिए शोरूम में छोड़कर आए और जब बाइक की सर्विस हो गई तो कंपनी की तरफ से बाइक के असली मालिक को मैसेज किया गया कि आपकी बाइक की सर्विसिंग हो गई है बाइक ले जाइए।

5 साल बाद यह मैसेज मिलते ही पटना के रहने वाले दिवाकर कुमार सतर्क हो गए। इसके बाद बिहार पुलिस ने झारखंड पुलिस को इस मामले की जानकारी दी लेकिन बाइक को सर्विस के लिए तो झारखंड पुलिस ही खड़ी करके आई थी।

ऐसे में अब बाइक का इस्तेमाल करने वाले एएसआई अखलाक खान को निलंबित कर दिया गया है। अब यह जांच चल रही है कि यह बाइक एएसआई अखलाक खान के पास कैसे पहुंची।

वहीं मामले पर एसपी ने कहा कि चोरी की बाइक का इस्तेमाल करने वाले एएसआई अखलाक खान को निलंबित कर दिया गया है जल्द ही हम इसकी जांच शुरु करेंगे दोषियों को बिल्कुल बख्शा नहीं जाएगा।