VIDEO फैक्ट चेक: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दावा, भारत में कोई डिटेंशन सेंटर नहीं है?

नागरिकता संशोधन कानून (Citizenship Amendment Act) को लेकर देश भर के कई राज्यों में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हो रहे है। पूर्वोत्तर राज्य सहित कर्नाटक के मंगलौर में इस हिं’सक प्रदर्शन को काबू में करने के लिए कथित तौर पर पुलिस द्वारा की गई गो’लीबा’री के कारण दो लोगों की मौ’त हो गई। वही नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा में यूपी में तक 15 लोगों की मौ’त हो गई है। वही इस हिं’सा के दौरान यूपी के 263 से भी ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हुए हैं।

वही नागरिकता कानून को लेकर मचे बवाल के बीच बीते रविवार को पीएम मोदी ने देश की राजधानी दिल्ली के रामलीला मैदान में रैली को संबोधित किया इस दौरान पीएम मोदी ने नागरिकता कानून पर मचे बवाल पर कहा कि यह कानून देश के हिंदू-मुस्लि’मों के लिए नहीं है. साथ ही उन्होंने विपक्ष पर लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष देश में डर और अराजकता के माहौल पैदा कर रहा है।

इसी दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत में डिटेंशन सेंटर यानि (हिरासत केंद्र) बनाए जाने और डिटेंशन सेंटर बनाने को लेकर केंद्र द्वारा विभिन्न राज्यों को भेजे गए दिशानिर्देशों को नकारते हुए कहा कि भारत में कहीं भी कोई भी डिटेंशन सेंटर नहीं है। लेकिन पिछले माह ही केंद्र सरकार ने राज्यसभा में एक जानकारी देते हुए यह कहा था कि असम में 6 डिटेंशन सेंटर हैं और उनमें 1000 से भी ज्यादा विदेशी लोगो को रखा गया है।

अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार केन्द्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने बीते 27 नवंबर 2019 को राज्यसभा में कहा था कि साल 2016 से 13 अक्टूबर, 2019 के बीच डिटेंशन सेंटर में रखे गए 28 लोगों की मौ’त हो गई है। ये मौतें डिटेंशन सेंटर और अस्पतालों में इलाज के दौरान हुई। वही राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने स्पष्ट किया था की असम में नजरबंद कर शिविरों में रखे गए 28 लोगों की मौ’त किसी भय या दवा के कारण नहीं बल्कि विभिन्न बीमारियों के चलते हुई थी।

गृह मंत्रालय द्वारा लोकसभा में दिया गया जवाब.

हालांकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दोनों दावों में सच्चाई नहीं है और ये तथ्यों की बुनियाद पर खरे नहीं उतरते हैं। संसद में पूछे गए सवालों के जवाब में केंद्र सरकार ने कई बार बताया गया है कि असम में कई डिटेंशन सेंटर हैं और देश के अन्य राज्यों में भी डिटेंशन सेंटर बनाने के लिए केंद्र सरकार ने दिशानिर्देश जारी किए हैं।

वहीं पीएम मोदी द्वारा दिल्ली के रामलीला मैदान में रैली में दिए गए बयान के कुछ देर बाद ही कांग्रेस ने भी इसे लेकर पलट वॉर किया था। कांग्रेस ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट करते हुए लिखा कि क्या पीएम मोदी को लगता है कि भारतीय लोग उनके झूठ के खिलाफ Factcheck के लिए एक साधारण सा गूगल सर्च भी नहीं कर सकते? डिटेंशन सेंटर सच्चाई है और जब तक सरकार सत्ता में रहेगी यह जारी रहेगी।

 

दरअसल, प्रधानमंत्री मोदी का दावा है कि उनकी सरकार कोई डिटेंशन सेंटर नहीं बना रही है। लेकिन हकीकत तो यह है कि केंद्र की मोदी सरकार ने ही काफी टाइम पहले ही देश के विभिन्न राज्यों को डिटेंशन सेंटर बनाने को लेकर दिशानिर्देश जारी किए थे। हलाकि प्रधानमंत्री ने डिटेंशन सेंटर बनाने की बात नकार दिया लेकिन कई मीडिया संस्थानों से पता चलता है कि भारत के अलग-अलग हिस्सों में डिटेंशन सेंटर बनाने की शुरुआत हो चुकी है।

 

आपको बता दें रविवार को देश की राजधानी दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित हुई रैली में पीएम मोदी ने कहा था की ‘कांग्रेस और अर्बन न’क्स’ल अफवा’हें फैला रहे हैं कि मुसलमा’नो को डिटेंशन सेंटर्स में रखा जाएगा देश में किसी भी मुसलमा’न को डिटेंशन सेंटर नहीं भेजा जाएगा और भारत में कोई डिटेंशन सेंटर है भी नहीं।

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